बाराबंकी। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) के तहत बाराबंकी पुलिस ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। सोमवार को जारी हुई रैंकिंग में गोरखपुर दूसरे और शाहजहांपुर तीसरे स्थान पर रहा। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा विकसित इस प्रणाली की शुरुआत जुलाई 2022 में हुई थी। इसके तहत गिरफ्तार आरोपियों और दोषियों के फिंगरप्रिंट सेंट्रल सर्वर पर अपलोड किए जाते हैं। इस सिस्टम की मदद से अपराधियों की पहचान तेज़ी से की जा सकती है और मामलों को जल्द सुलझाने के साथ मृतकों की पहचान में भी सहायता मिलती है।
इसके तहत प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति को एक 10 अंकों का विशिष्ट राष्ट्रीय फिंगरप्रिंट नंबर दिया जाता है, जिससे उसकी डिजिटल अपराध कुंडली तैयार होती है। तकनीकी सेवा के एडीजी नवीन अरोड़ा द्वारा जारी रैंकिंग में बाराबंकी की फिंगरप्रिंट अपलोडिंग 100 प्रतिशत पाई गई। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में जुलाई 2022 के बाद से अब तक गिरफ्तार सभी लोगों के फिंगरप्रिंट अपलोड कर लिए गए हैं।
चार माह में जेल गए आरोपी
नवंबर 2024 : 306
दिसंबर 2024 : 552
जनवरी 2025 : 463
फरवरी 2025 : 299