बाराबंकी। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के डिजिटल स्वरूप को अपनाने की दिशा में बाराबंकी जिले ने सराहनीय कदम बढ़ाया है। सीमित संसाधनों और ग्रामीण इलाकों की चुनौतियों के बावजूद यहां बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति 30.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह न केवल मंडल में अव्वल है बल्कि पूरे प्रदेश में औसतन हाजिरी 20 प्रतिशत से डेढ़ गुनी है। बाराबंकी ने 50 जिलों को पीछे छोड़ दिया है।
अक्तूबर-2025 की रिपोर्ट के अनुसार जिले के 2.66 लाख बच्चों में से 82,856 की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की गई। यह संख्या भले अभी कम लगे, लेकिन अन्य जिलों में अयोध्या में 28.61 प्रतिशत, सुल्तानपुर में 27.39 प्रतिशत और अंबेडकरनगर में 10.71 प्रतिशत बच्चों की ही ऑनलाइन हाजिरी दर्ज हुई। अधिकारियों ने बताया कि नेटवर्क की समस्या, टैबलेट अपडेट और लॉगिन प्रशिक्षण जैसी समस्याओं पर भी लगातार कार्य किया जा रहा है जिससे भविष्य में यह आंकड़ा दोगुना किया जा सके।
अलीगढ़ नंबर एक, आजमगढ़ सबसे नीचे
प्रदेश स्तर पर जहां अलीगढ़ जिले ने 58.75 प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान पर है। वहीं, आजमगढ़ में सबसे कम 0.17 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई। राजधानी लखनऊ में भी केवल 8.3 प्रतिशत बच्चे ही ऑनलाइन हाजिरी में शामिल हो पाए।
रोज हो रही मॉनिटरिंग
26 सौ विद्यालयों में 4,200 टैबलेट वितरण और रोज मॉनिटरिंग के जरिए इस अभियान को प्रभावी बनाया गया है। डिजिटल उपस्थिति बढ़ाना न सिर्फ पारदर्शिता का प्रतीक है, बल्कि इससे बच्चों और शिक्षकों दोनों में अनुशासन और तकनीक के प्रति रुचि भी बढ़ रही है।
- संतोष देव पांडेय, बीएसए