मुआवजे के लिए आंदोलित किसानों से मिलने अयोध्या जा रहे यूपी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व अन्य नेताओं को पुलिस-प्रशासन ने गुरुवार को बाराबंकी में हाईवे पर शहर से लगे चौपुला के पास रोक लिया। लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में दो घंटे रोकने के बाद कांग्रेस नेताओं को वापस लखनऊ जनपद की सीमा पर छोड़ दिया गया।
अजय कुमार ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार दमनकारी तरीके से कार्य कर रही है। यह सरकार किसान और नौजवान विरोधी है। मिल्कीपुर में हवाई पट्टी निर्माण के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है लेकिन मुआवजा देने में भेदभाव किया जा रहा है। वहां के किसान विरोध कर रहे हैं। हम उन्हीं किसानों से मिलने के लिए जा रहे थे लेकिन पुलिस ने हमें रोक दिया है। उन्होंने सरकार पर लोकतंत्र की हत्या और मनमानी करने का भी आरोप लगाया। कहा कि हम किसानों से मिलेंगे और उनकी आवाज को सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे। करीब दो घंटे बाद उन्हें पुलिस ने वापस लखनऊ सीमा पर छोड़ दिया। पुलिस ने पीसीसी सदस्य राजेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष रामदास वर्मा, सुनील पाठक, यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव शरद शुक्ला व यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील तिवारी को नजरबंद कर दिया था। उक्त सभी लोगों के आवास पर भारी पुलिस बल तैनात थी।
हालांकि नजरबंदी के बावजूद कांग्रेस के अयोध्या जिलाध्यक्ष धर्मपुर गांव पहुंच गए और ग्रामीणों के साथ सभा करने लगे। धर्मपुर गांव में ग्रामीण जमीन अधिग्रहण में असमानता को लेकर नाराज हैं।
श्रीराम एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर धर्मपुर गांव की जमीन का अधिग्रहण होना है। इसे लेकर उन्हें जो मुआवजा दिया जा रहा है उसमें बेहद असमानता है। ग्रामीण जनौरा व नंदा पुर गांव के समान जमीन का मुआवजा चाहते हैं।
दरअसल आज लल्लू धरमपुर व रायबरेली फोरलेन के किनारे रह रहे पीड़ित किसानों से मुलाकात करने वाले थे। श्रीराम एयरपोर्ट के विस्तारीकरण व रायबरेली फोरलेन के किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। इसी मुद्दे पर लल्लू किसानों से बातचीत करते।
इसी क्रम में वो अयोध्या जा रहे थे, जब पुलिस ने उन्हें हाईवे पर चौपुला के पास रोक लिया। इस दौरान उनको हिरासत में लेकर डाक बंगले लाया गया, जहां उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। प्रदेश अध्यक्ष के रोके जाने की सूचना पर वहां काफी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता एकत्र हो गए।