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जिले में भी शुरू हुआ कोरोना का आरटी-पीसीआर टेस्ट

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अयोध्या। जिले में अब कोरोना वायरस के आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए दर-दर की ठोकरें खाने से निजात मिलेगी। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज गंजा में बनी वीएसएल-2 लैब में बुधवार से आरटी-पीसीआर टेस्ट शुरू हो गया है।
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अभी प्रतिदिन सौ नमूनों की जांच के लिए शासन से इस लैब को अनुमति प्रदान हुई है। अब स्वास्थ्यकर्मियों को जांच के लिए लखनऊ तक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। साथ ही रिपोर्ट भी जल्दी प्राप्त होने से मरीजों का समय पर इलाज हो सकेगा।
कोरोना संक्रमण इन दिनों चरम पर है। जिले में प्रतिदिन करीब सौ मरीज सामने आ रहे हैं। जांच के लिए एंटीजन रैपिड किट के अलावा अब तक ट्रूनेट मशीन का इंतजाम था। एंटीजन किट से हुई जांच में पॉजिटिव आने पर रिपोर्ट कंफर्म मान लिया जाता है, लेकिन निगेटिव रिपोर्ट को संदिग्ध माना जाता है।
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कंफर्मेट्री जांच के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य होता है। जबकि ट्रूनेट मशीन से एक दिन में करीब 20-24 मरीजों की जांच हो पाती है। उसका भी प्रयोग नॉन कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए ही अधिकांशत: किया जाता है।
वहीं, लखनऊ एवं दिल्ली सहित अन्य बड़े महानगरों में इलाज कराने वाले मरीजों को वहां दिखाने के लिए आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट मान्य होती है। अब तक जिले में आरटी-पीसीआर टेस्ट की व्यवस्था न होने से जांच के लिए नमूने लखनऊ के पीजीआई, एनबीआरआई, केजीएमयू, आरएमएल सहित अन्य अस्पतालों में बनी लैब में भेजा जाता था।
जहां सैंपलिंग का बैकलॉग अधिक होने के कारण रिपोर्ट प्राप्त होने में एक-एक सप्ताह तक समय लग रहा था। समय पर रिपोर्ट न मिलने के कारण मरीजों के इलाज में भी विलंब होता था। जिससे कई मरीजों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इधर, मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) द्वारा वायरोलॉजी लैब की अनिवार्यता के बाद मेडिकल कॉलेज गंजा में वीएसएल-2 लैब का निर्माण कार्य करीब सवा करोड़ की लागत से कराया गया।
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लैब का लखनऊ से ही उद्घाटन किया था। जांच के लिए अनुमति मिलते ही बुधवार से आरटी-पीसीआर टेस्ट शुरू कर दिया गया है। यहां प्रतिदिन सौ व्यक्तियों की जांच करने के लिए अनुमति प्राप्त हुई है। जांच रिपोर्ट भी छह से आठ घंटे में प्राप्त होने से सहूलियत मिलेगी। साथ ही लखऊ का चक्कर भी काटने से फुर्सत मिल जाएगी।
प्राइवेट जांच की भी नहीं है बेहतर व्यवस्था
कोरोना के आरटी-पीसीआर टेस्ट की प्राइवेट जांच की भी बेहतर व्यवस्था जिले में नहीं है। शुरुआती दौर में डॉ. लाल पैथ व पैथकाइंड लैब को इसके लिए अधिकृत किया गया था। बाद में शासन स्तर से पैथकाइंड लैब पर रोक लग गई और चंदन डायग्नोस्टिक सेंटर को अधिकृत किया गया। लेकिन मौजूदा समय में सिर्फ डॉ लाल पैथ में कुछ शर्तों के साथ जांच के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।
लैब का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया था। शासन ने अनुमति मिलने के उपरांत बुधवार से आरटी-पीसीआर टेस्ट वीएसएल-2 लैब में प्रारंभ किया गया है। अभी प्रतिदिन सौ नमूनों की जांच कराने के लिए अनुमति मिली है।
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- प्रोफेसर विजय कुमार, प्रिंसिपल राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज
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