हैदरगढ़ क्षेत्र के सहावर प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को कक्षा तीन के छात्र अंशू (8) की सांप काटने से मौत हो गई। आरोप है कि अध्यापकों ने बच्चे की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और परिवार को भी सूचना नहीं दी। घटना के बाद अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया।
अंशू ब्लॉक त्रिवेदीगंज के देवगरपुर गांव का निवासी था। वह रोज की तरह स्कूल ड्रेस में पढ़ने गया था। करीब 10 बजे उसने स्कूल की मैडम को शौचालय के पास सांप काटने की जानकारी दी थी। परिवार के अनुसार, शिक्षामित्र ने उसे अस्पताल नहीं भेजा और न ही घर पर बताया। दोपहर करीब एक बजे बच्चे की मौत होने पर परिजनों को बीमार होने की सूचना मिली। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इससे आक्रोशित लोगों ने विद्यालय के अध्यापकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। शाम को जिलाधिकारी ने एडीएम न्यायिक, एएसपी दक्षिणी और बेसिक शिक्षा अधिकारी की तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच के आदेश दिए। एसडीएम अश्विनी कुमार सिंह ने जिलाधिकारी के आदेश की कॉपी दिखाकर लोगों को शांत किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
अध्यापकों की अनुपस्थिति और लापरवाही
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल में अक्सर सफाईकर्मी नहीं आता और अध्यापक भी गायब रहते हैं। घटना के दिन भी बच्चों को शिक्षामित्र के भरोसे छोड़कर अध्यापक अनुपस्थित थे। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र कुमार बीआरसी लार बैठक में थे। सहायक अध्यापक अवकाश पर थे। अधिकारियों ने पहले विषैले जंतु के काटने से इन्कार किया था।
जांच समिति का गठन और कार्रवाई
विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद विद्यालय परिसर में झाड़ियों की सफाई कराई गई। जिलाधिकारी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच समिति बनाई है। यह समिति पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।