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बैंकों में मारामारी, डाकघर में तोड़फोड़

Sun, 13 Nov 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बैंकों में मारामारी - फोटो : अमर उजाला
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500 और 1000 के नोट बदलवाने व जमा करने के लिए रविवार को अवकाश के दिन बैकों के बाहर रोज की अपेक्षा काफी भीड़ रही। एटीएम के बाहर भी लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। दोपहर बाद ज्यादातर एटीएम भी जवाब दे गए। जिससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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वहीं किसी प्रकार का विवाद न हो इसको लेकर बैंकों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। रविवार को अवकाश होने के चलते महिलाओं ने भी चूल्हा चौका छोड़कर बैंक के बाहर लाइन लगाकर नोट बदलवाने का काम किया। वहीं शहर के मुख्य डाकघर में नोट बदलने को लेकर रविवार को गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ की।
पांच सौ व एक हजार के बंद हुए नोट हर किसी के लिए मुसीबत बने हुए है। पुराने नोट बदलकर नए
लेने के लिए शहर से लेकर गांव के इलाकों में रहने वाले लोग सुबह से ही सब काम धाम छोड़कर बैंक व एटीएम के बाहर लाइन में खड़े हो जाते है। मोदी सरकार ने भले ही अमीरों के कालाधन पर लगाम लगाने की बात कही हो लेकिन इसमें सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना आम आदमी को करना पड़ रहा है।
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तीन दिनों की अपेक्षा अवकाश का दिन होने के चलते रविवार को बैेंकों के बाहर लोगों की भीड़ ज्यादा देखी गई। दिन भर लाइन में खड़े होने के बाद कुछ लोगों को तो पैसा मिल सका जबकि कुछ बिना पैसे के ही घर चले गए। वहीं जिले के शहरी व ग्रामीण इलाकों में स्थित ज्यादातर डाकघरों मेें भी पुराने नोट जमाकर नए लेने के लिए भीड़ उमड़ रही है।

शहर के मुख्य डाकघर में रविवार सुबह से ही देर शाम तक भीड़ लगी रही। कई जगह डाकघरों में कैश कम होने के चलते ज्यादातर लोगों को बिना पैसे लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। एसपी राजू बाबू सिंह का कहना है कि बैंकों के आसपास सुरक्षा के बेहतर प्रबंध किए गए हैं। यदि कहीं कोई संदिग्ध मिलता है तो उससे पूछताछ कर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए है।

जानने वालों को पहले करेंसी देने पर डाकघर में भड़के लोग
पुराने नोट बदलकर नए निकालने के लिए रविवार को शहर के मुख्य डाकघर मेें लोग भड़क उठे। घंटो से लाइन में लगे लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि डाककर्मी सेंटिग करके सिर्फ अपने जानने वालाें के नोट बदलवा रहे है। जबकि लाइन में लगे आम लोगों की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इसी बात को लेकर यहां सैकड़ों लोगोें की भीड़ भड़क उठी। इस दौरान हुई अफरा तफरी में कुछ लोगाें ने डाकघर की कांच की खिड़की भी तोड़ दी। हालांकि पुलिस ने सभी को समझा बुझाकर मामला शांत कराया तब जाकर दोबारा कैश का लेन देन शुरू हो सका।

कैश काउंटर के पास लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
जिले के समस्त बैंकों में खोले गए कैश काउंटर के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यहां पैसा जमा करने व निकालने के लिए आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कैमरे में कैद किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह भी कैमरे में कैद हो रहा है कि किसके द्वारा कितना पैसा जमा किया जा रहा है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से बैंकों ने यह काम किया है। 

छुट्टी के चलते बैंकों में डटीं महिलाएं
पांच सौ व एक हजार का नोट बंद होने से आधी आबादी कही जाने वाली महिलाओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक जहां महिलाएं अपने व घरेलू काम निपटा कर रविवार को अवकाश का लुत्फ उठाती थीं वहीं इस रविवार को महिलाएं सुबह से हर सारे काम छोड़कर बैंक व एटीएम के बाहर लाइन में खड़े नजर आईं। एसीबीआई में पैसे जमा करने व निकालने के लिए खड़ी रचना सिंह, अमिता दुबे, केनरा बैंक आई सुनीता कुमारी, राशि, रंजना कुमारी, शबा खातून, बुशरा आदि ने कहा कि वह दो दिनों से पैसे जमा करने व लेने के लिए दौड़ रही हैं लेकिन भीड़ ज्यादा होने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

ग्रामीण इलाके में नहीं मिल रहा कैश
सिद्धौर ब्लॉक में खुली बैंकों में रविवार को भी पैसा जमा कराने तथा अपना पैसा चेंज करवाने व निकालने के लिए लम्बी-लम्बी कतारें लगी रहीं और तीन दिनों से कई लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। बैंक आफ  इण्डिया बरौली मालिक ने तो लोगों को पैसा जमा कराने व निकालने का आवेदन तक नहीं मिला। लालपुर निवासी रामरूप हरिश्चन्द्र खालिक पुरवा निवासी राम खेलावन, नन्द किशोर आदि लोगों का कहना है कि सुबह से लाइन में लगे रहता शाम को कैश समाप्त होने को बताकर वापस करा दिया जाता है। यही हाल जिले में हैदरगढ़, भिटरिया, फतेहपुर, देवा, कुर्सी, बड्डूपुर, रामनगर, बदोसराय, सफदरगंज, जैदपुर, रसौली, सतरिख, सुबेहा, त्रिवेदीगंज, मसौली, सआदतगंज, गनेशपुर, टिकैतनगर का है। 

दुकानों पर नहीं लिए जा रहे पांच सौ व हजार के नोट
रामसनेहीघाट क्षेत्र में सामान खरीदने के लिए कोई दुकानदार पांच सौ व हजार का नोट नहीं ले रहा है। पैसों की इस विपत भरी घड़ी में लोगों के घरों में गुल्लक काम आ रहे हैं लोग अपने बच्चों की प्रशंसा कर रहे हैं तथा कहते है कि बच्चों के गुल्लकों को तोड़कर उसमें निकले पैसों से घर का कुछ काम चल रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि काली कमाई पर किये गये मोदी के इस सर्जिकल स्ट्राइक का हम स्वागत करते हैं तथा जो भी समस्याएं आएंगीं, हम उनको भी स्वीकार करेंगे।

रविवार को अवकाश के वजह से बैंकों के बाहर नोट बदलने और जमा करने वाले लोगों की भीड़ ज्यादा रही। इसके बाद भी बैंक कर्मियों ने अपना कार्य किया। लोगों के सामने दिक्कतें जरूर हैं लेकिन धीरे-धीरे सब सामान्य हो जाएगा। -अशोक मिश्रा, एलडीएम  
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