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एटीएम ठप, बैंकों में रही मारामारी

Sat, 12 Nov 2016 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
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बैंकों में रही मारामारी - फोटो : अमर उजाला
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500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद स्थित काबू से बाहर होती जा रही है। जिले में लगे लगभग सवा सौ एटीएम में से शनिवार को आधे से ज्यादा में कैश खत्म होने के कारण बंद हो गए। इससे लोगों को नकदी के लिए बैंकों में लगी लंबी लाइन में लगना पड़ा।
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बैंकों की अधिकतर शाखाओं में कैश खत्म होने की सूचना पर लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी। नोट बदलने के लिए कई जगहों पर आगे बढ़ने के लिए मारामारी की नौबत आ गई। दूसरे लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया। वहीं शनिवार को करीब दो अरब के पुराने नोट बदले गए। पूरे दिन सभी बैंकों में सुबह से लेकर रात तक लोग लाइन में लगे रहे। इस दौरान सुरक्षा के लिए सभी जगहोें पर पुलिस की भी तैनाती रही।

पुराने नोट बदलवाने व नए नोट लेने के लिए शनिवार को भी पूरे दिन लोगों की जद्दोजहद चलती रही। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में स्थित करीब 250 बैंक शाखाओं में सुबह से ही पहुंचे लोग शाम तक लंबी लंबी कतारों में लगे रहे। हाल यह रहा कि भारी परेशानी झेलने के बाद भी लोग अपने पैसे लेकर ही वापस लौटे। शहर में विभिन्न बैंकों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के बेहतर इंतजाम रहे वहीं ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस के मुस्तैद रहने के साथ पुलिस अधिकारी भी क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा का जायजा लेते रहे।
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थोड़ी देर में ही बंद हुए एटीएम
लगातार दूसरे दिन भी शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में लगे विभिन्न बैंकों के एटीएम सही से काम नहीं कर सके। कुछ एटीएम से तो पैसे निकले लेकिन थोड़ी देर बाद वह भी शांत हो गए। इससे बैंक अधिकारियों की तैयारियों की पोल भी खुल रही है। एटीएम सही से काम न करने से लोगों को कई तरह की दिक्कतोें का सामना करना पड़ रहा है और लोग बैंकों के बाहर ही लाइन लगाकर नकदी ले रहे है। 

मजदूरों को सेट कर बदलवा रहे नोट
शहर के ज्यादा मालदार लोगोें ने अपने पैसे बदलवाने का नया तरीका खोल निकाला है। शनिवार को कई जगहाें पर देखा गया कि लोग मजदूरों को सेट कर उनकी आईडी इस्तेमाल करवाकर अपने-अपने नोट बदलवा रहे हैं। ऐसे में यह मजदूर अपनी-अपनी आईडी लेकर दिन में कई बैंकों में जाकर पैसे बदलने का काम कर रहे हैं और एक बार का इन सभी को मेहनताना के रूप में सौ से दो सौ रुपये दिए जा रहे हैं। शहर के छाया चौराहे व नाका सतरिख के पास मजदूरी के लिए आने वाले लोगों से इस समय यही काम करवाया जा रहा है। 

वलीमा के कार्यक्रम में छुट्टा न होने से दिक्कत
जैदपुर कस्बे में शनिवार को कई स्थानों पर शादी वलीमा का कार्यक्रम था। लड़की की शादी में रस्म के अनुसार आने वाले लोग कुछ नेकचार लिखाते हैं। किन्तु पांच सौ व हजार के नोट बंद हो जाने के बाद शादी की खुशी में भी लोग नोट के छुट्टा कराने के लिए परेशान दिखाई दिए। नेकचार की जगह खेड़ तमाम लोग तो हसरत भरी नजर से यही देख रहे थे कि किसने कौन सी नोट नेकचार में लिखाई है। शादी-विवाह के मौके पर बारात आने पर लोग सगुन के तौर पर नेकचार देते हैं। उसके लिए भी लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। 

कारोबार छोड़कर नोट बदलने के लिए लगा रहे लाइन
स्थानीय जैदपुर कस्बे में आधा दर्जन भर सरकारी व प्राइवेट बैंके खुले हुए हैं जिन पर नोट बदलने के लिए सुबह 7 बजे पांच सौ व हजार की नोट बदलवाने वालों की लंबी लाइन लग जाती है। उसके बाद बैंक खुलने के बाद लोगों से सिर्फ  पुरानी नोटें जमा कराई जाती हैं।

और सौ की नई नोट लाने वालों को दोपहर दो बजे बुलाया जाता है। जिससे लोगों में बैंक के प्रति काफी नाराजगी हो जाती है। कस्बे में स्थित आईसीआईसी आई बैंक में लोगों की आईडी जमा करने के बाद भी लौटा दिया जाता है।

यह बैंक पहले अपने ग्रहकों के नोट बदलने व जमा करने का काम करता है। बाद में बैंक में आने वाले ग्राहकों की बात की सुनवाई बैंक कर्मी करते हैं। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में लोगाें के पुराने नोट जमा करने व चार हजार रुपये के नए नोट बदलने के लिए तीन काउंटर खोले गए हैं। लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न होने पाए इसके लिए लोगों की आईडी पहले जमा कर ली जाती है। उसके बाद लोगों को बारी-बारी से बुला कर नोट बदलने का काम किया जाता है।

बढ़ाए गए काउंटर पर नहीं कम हो रहीं दिक्कतें
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में विभिन्न बैंकों में नोट बदलने के लिए पहले से अधिक काउंटर लगाए जा रहे हैं। लेकिन आए दिन बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह काउंटर नाकाफी साबित हो रहे है। ग्रामीण इलाकों में तो ज्यादातर लोग बिना पैसे लिए ही वापस लौट रहे हैं। खाना-पानी छोड़कर लाइन में लगने वाले आम लोगोें को दिन भर की मेहनत के बाद भी निराशा हाथ लग रही है। वहीं छुट्टा पैसा न मिलने से अभी भी लोगों को रोजमर्रा के जरूरी सामान खरीदने में काफी परेशानियोें का सामना करना पड़ रहा है। 

पैसे खपाने को कमीशन देने की हो रही फरमाइश
ज्यादा पैसे वाले लोग इस समय खासे परेशान देखे जा सकते है। प्रतिदिन सुबह से लेकर शाम तक यह लोग ऐसा तरीका खोज रहे है कि अपना पैसा किस तरह से खपाया जा सके। कई पैसे वाले लोग तो अपने वकीलों से सेटिंग कर रहे हैं, तो कई दस या बीस प्रतिशत कमीशन देकर भी नोट बदलवाने को तैयार है। ऐसे में घर में रखे पैसे को नंबर एक में शामिल करने के लिए लोग हर तरह के जतन कर रहे है। 

कोशिश की जा रही है कि किसी को बैंक से वापस न लौटना पड़े। जहां एटीएम में पैसा खत्म हो रहा है, वहां तुरंत लोड करवाया जा रहा है। बैंक से भी सभी को नकदी दी जा रही है। आज करीब दो अरब के नोट बदले गए हैं। -अशोक मिश्रा, लीड बैंक मैनेजर
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