हैदरगढ़ में प्रशिक्षण देतीं डार्क रूम सहायक- नेहा सिंह।
त्रिवेदीगंज। जिले के गोसाईगंज की रहने वाली नेहा सिंह ने अपनी मेहतन और लगन के बूते राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में न सिर्फ गोल्ड मेडल जीते, बल्कि जनपद का मान भी पूरे देश में बढ़ाया। सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में कक्षा नौ में स्कूल स्पोर्ट्स में भाग लेकर नेहा दौड़ व लंबी कूद की कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिलने पर ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज बैटमिंटन व पॉवर लिफ्टिंग में स्थान बनाकर अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा बनीं। उनका लक्ष्य पिस्टल से 10 मीटर रेंज शूटिंग प्रतियोगिता की तैयारी कर ओलंपिक मेडल जीतना है।
सीएचसी त्रिवेदीगंज में डार्करूम सहायक पद पर तैनात नेहा ड्यूटी के साथ स्कूली दिनों से खेल के प्रति अपने जुनून को अब भी साथ लेकर चल रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में लखनऊ में पढ़ाई के दौरान खेल में जीते प्रतिभागियों को मेडल मिलता देखना बहुत सुखद लगता था। स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर दिवंगत डॉ. अनिल त्रिपाठी द्वारा अच्छा खेलने वालों को सरकारी नौकरी मिलने जानकारी पर रुचि पैदा हुई। राष्ट्रीय स्तर पर सौ मीटर व लंबी कूद में गोल्ड मेडलिस्ट रही और 2016 स्वास्थ्य विभाग से सीएचसी हैदरगढ़ में डॉकरूम सहायक की नौकरी मिलने के बाद भी खेलों के प्रति लगाव कम नहीं हुआ। यहां दो साल में कस्तूबरा गांधी व अन्य सरकारी विद्यालयों में बच्चियों को योगा व स्पोर्ट्स के बारे में जागरूक किया।
त्रिवेदीगंज सीएचसी पर तैनाती के दौरान ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज टीम से बैडमिंटन में राष्ट्रीय स्तर पर सेमीफाइनल तक पहुंचीं। 2019-20 पॉवर लिफ्टिंग में ऑलइंडिया में बाराबंकी काे छठा स्थान मिला। एथलेटिक्स में सौ मीटर दौड़ में राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2022 में पैर चोट के कारण ऑपरेशन कराना पड़ा और चिकित्सक की सलाह पर एथलेटिक्स छोड़ दिया। अब पिस्टल से 10 मीटर रेंज शूटिंग प्रतियोगिता की तैयारी कर ओलंपिक में खेलने का लक्ष्य है। देश के लिए मेडल लाने का सपना है।