अंबेडकरनगर। आलापुर के गिरैया बाजार के कूदरूपुर कल्याणपुर में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को भागवत कथा के महत्व और उसके मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को बताया गया।
प्रवाचक राकेश तिवारी ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को जीवन की सफलता का आधार बताया। उन्होंने कहा कि केवल भक्ति से ही नहीं, बल्कि सही ज्ञान और वैराग्य के भाव से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। कहा कि जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संतुलन आवश्यक है। कहा कि अच्छे कर्म ही स्थायी सुख और शांति का आधार होते हैं। भौतिकता से ऊपर उठकर आत्मचिंतन करना जरूरी है। कठिन परिस्थितियों में धैर्य और विवेक से निर्णय लेना चाहिए। धर्म का वास्तविक स्वरूप आचरण और व्यवहार में दिखाई देता है। भक्ति मन को शुद्ध करती है, ज्ञान सही और गलत का विवेक देता है, जबकि वैराग्य अनावश्यक आसक्ति से मुक्त करता है। अच्छे कर्म ही जीवन में सुख और शांति का कारण बनते हैं, जबकि गलत कर्म अंततः पीड़ा का कारण बनते हैं।