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पुलिस टीम पर हमला, तीन सिपाही व एसओ घायल

Mon, 28 Sep 2015 12:05 AM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
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कुछ लोगों ने धार्मिक स्थल के अंदर पुलिस के घुसने की अफवाह फैला दी। इस की वजह से ही कस्बे में तनाव फैला। पुलिस के मुताबिक अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मालूम को कि शनिवार रात दरियाबाद पुलिस ने गैंगरेप के एक आरोपी को पकड़ने के लिए एक धार्मिक स्थल के पास बने घर में छापेमारी की थी। इसी दौरान पुलिस के धार्मिक स्थल में घुसने की अफवाह पर रविवार सुबह लोगों में तनाव फैल गया। कुछ लोगों ने इसके खिलाफ परदर्शन भी करना शुरू कर दिया था।

पुलिस प्रशासन ने एहतियातन कई थानों की पुलिस कस्बे की ओर आ रहे थे। तभी रास्ते में लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इसमें एसओ समेत तीनों सिपाही घायल हो गए थे।  एक सिपाही की हालत गंभीर भी है।
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यह है मामला
दो जून 2015 को दरियाबाद कस्बे की ही एक महिला द्वारा कोर्ट के आदेश पर दरियाबाद थाने में गैंगरेप का मामला दर्ज कराया गया था। मामले में यहां के रहने वाले मुमताज उर्फ शिब्बू, हकीम व हरबंशपुर गांव के नानकराज यादव के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।

इनमें से किसी भी आरोपी की अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका। दरियाबाद पुलिस को शनिवार की रात मुखबिर से सूचना मिली की आरोपी शिब्बू कस्बे में ही एक धार्मिक स्थल के पास बने एक घर में छिपा है। इसके बाद थाने की टीम ने मौके पर छापेमारी लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग निकला। इसी बीच किसी ने धार्मिक स्थल में घुसने की अफवाह फैला दी।

इससे लोग आक्रोशित लोगों ने रविवार सुबह दरियाबाद कस्बे में प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसी दौरान टिकैतनगर एसओ टीपी सिंह पुलिस बल के साथ दरियाबाद जा रहे थे। तभी चौराहे के पास पुलिस जीप देखते ही लोगों ने उस पर पथराव करना शुरू कर दिया।

भीड़ ने पुलिस जीप को घेर लिया व जीप में बैठे सिपाही बुद्धीलाल, राजेंद्र, रणविजय की पिटाई शुरू कर दी। मारपीट व पथराव में सिपाही बुद्धीलाल को गंभीर चोट आई है वहीं एसओ व दोनों सिपाहियों को मामूली चोटें आई हैं।

एएसपी के आश्वासन पर माने लोग
दरियाबाद कस्बे में विवाद के बाद पहुंचे एएसपी दक्षिणी शफीक अहमद ने कस्बे के लोगों को एक जगह एकत्रित कर उनसे वार्ता की। एएसपी से लोगों ने कहा कि पुलिस को धीर्मिक स्थल में घुसने से पहले बताना चाहिए था। इस पर एएसपी ने कहा कि ऐसा हुआ नहीं पर अब किसी भी आरोपी को पकडने के लिए धार्मिक स्थल में जाने से पहले बताया जाएगा।
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