बाराबंकी। कस्बा स्थित रामनगर पीजी काॅलेज में तैनात हिंदी विभाग के प्रभारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अखिलेश कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन ने शुक्रवार देर शाम बताया कि डॉ. वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने अपने विरुद्ध दर्ज अपहरण सहित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाकर महाविद्यालय में नियुक्ति प्राप्त की और बाद में पदोन्नति भी हासिल कर ली।
इस संबंध में हरदोई जिले के भमरवा निवासी राजेंद्र ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। दो सितंबर 2025 को डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। जांच समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि डॉ. वर्मा ने अपने विरुद्ध चल रहे मुकदमों की जानकारी छिपाई, जो सेवा नियमों के विपरीत है।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उन्हें जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रकरण की विस्तृत जांच अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विवेक सील यादव को सौंपी गई है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कौशलेंद्र विक्रम मिश्रा ने बताया कि डॉ. वर्मा अपहरण के मामले में न्यायालय द्वारा उन्हें भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है।