बाराबंकी। देश भर में फैले शातिर साइबर अपराधियों के गिरोह पेटीएम, गूगल पे, फोन पे व अन्य प्रसिद्ध यूपीआई कंपनियों के नेटवर्क में सेंध लगा चुके हैं। खाता खुलवाने को लेकर निजी बैंकों में इतनी मारामारी है कि साइबर ठग बैंकों की सुरक्षा प्रणाली को भी तार-तार कर रहे हैं। बाराबंकी पुलिस ने पेटीएम से अवैध लेनदेन से संबंधित ब्योरा देने के लिए चिट्ठी लिख दी है। सवाल खड़ा हो गया है कि क्या हाई टेक्नोलॉजी वाली इन ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में एक-एक दिन में सैकड़ों भुगतान की कोई निगरानी ही नहीं होती है।
सैकड़ों खाते खुलवाकर करोड़ों की ठगी का लेनदेन करने वाले शातिर ही बैंक में खाता खुलवाने की जिम्मेदारी लेते थे। बाराबंकी में ऐसे न जाने कितने खाते खुल चुके हैं और खुल रहे हैं। एचडीएफसी बैंक के 14 खातों का मामला तो पुलिस के संज्ञान में है। लेकिन अभी तक एचडीएफसी के खातों में कौन गिरोह लोगों के साथ जालसाजी कर रहा है, इसकी जांच जैदपुर और कोतवाली पुलिस कर रही है।
जैदपुर में मात्र एक 1.23 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के मामले में आईसीआईसीआई बैंक के मैनेजर लोकेश सिंह ने उच्च अधिकारियों को भी पूरी घटना से अवगत कराया है। कई निजी बैंकों के अधिकारी यह बात स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि शायद ठगों ने पैसों की सुरक्षा के लिए बनाया गया सरकारी तंत्र भी खंगाल डाला है। ऐसे में आम आदमी को जागरूक रहना ही पड़ेगा।
एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इतने बड़े पैमाने पर लेनदेन चौंकाने वाला है। करोड़ों की ठगी के मामले में पेटीएम को भी ब्योरा देने के लिए पत्र लिख दिया गया है। गिरोह में शामिल अन्य लोगोें की तलाश जारी है।
50 से अधिक लोगों का गिरोह
करोड़़ों की साइबर ठगी के बाद दूसरों के खातोें का प्रयोग लेनदेन करने के लिए कर रहे हैं। कोतवाल अजय त्रिपाठी ने बताया कि एक और शातिर मिलने के बाद बड़ा खुलासा होगा। अब तक की जांच में इस गिराेह मेंं 50 से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है।