हैदरगढ़ (बाराबंकी)। बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर पर 24 घंटे के अंदर ही फर्जीवाड़े का एक और मुकदमा दर्ज हो गया। हैदरगढ़ कोतवाली इलाके में इसी बैंक मैनेजर व गुर्गाें ने मिलकर एक व्यक्ति के नाम पर 1.95 लाख रुपये का मुद्रा लोन ले लिया। पीड़ित ने बैंक मैनेजर समेत तीन लोगों पर जालसाजी का मुकदमा सोमवार को दर्ज कराया है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बैंक में फजीवाड़ा कर खाता धारकों के नाम पर मुद्रा लोन के कारनामे दिन-ब- दिन बढ़ते जा रहे हैं। कोतवाली के गांव गोसूपुर के पंकज ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 25 नवंबर 2022 को गांव के राहुल ने थाना जैदपुर के बरौली मलिक बैंक आफ इंडिया में खाता खुलवाने पर तत्काल 1000 रुपये मिलने की बात कह कर साथ ले गए थे। वहां राजेश से मुलाकात करा कर आधार कार्ड, पैन कार्ड व फोटो लेकर शाखा प्रबंधक अमन कुमार से मिले।
कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर कराकर 1000 रुपए देकर घर वापस भेज दिया। छह जुलाई 2023 को पंकज के मोबाइल पर मुद्रा लोन की किस्त बकाया होने का मैसेज मिला। पिता के साथ बैंक जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि उनके नाम पर 1.95 लाख रुपये का मुद्रा लोन हुआ है। लोन की दो किस्तें भी जमा कर दी गई थीं। जालसाजी का पता चलने राजेश कुमार के गांव बीरमखेड़ा पहुंचे, लेकिन उससे मुलाकात नहीं हुई तो फोन किया, जिस पर राजेश ने पुलिस से शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने व परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
मामले में पुलिस ने शाखा प्रबंधक समेत तीनों लोगों के विरुद्ध जालसाजी, फर्जी धोखाधड़ी, अभिलेख तैयार करने व गबन की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। बताते चलें कि बैंक आफ इंडिया शाखा बरौली मलिक में करीब 60 लोगों के नाम पर करोड़ों का कर्ज निकाला गया है। फर्जीवाड़े में पुलिस ने बैंक मैनेजर अमन वर्मा, असिस्टेंट मैनेजर शैलेंद्र प्रताप पंकज समेत तीन लोगों को जेल भेजा है। कोतवाल लाल चंद्र सरोज ने बताया कि सोमवार को एक और मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।