बाराबंकी। आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने उप निदेशक कृषि सहित 12 अधिकारियों को वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी अफसरों से लिखित में जवाब भी तलब किया गया है।
आईजीआरएस के अंतर्गत जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों को इस संबंध में समय-समय पर आवश्यक निर्देश भी दिए जाते हैं। समीक्षा में निर्धारित अवधि में संदर्भों का निस्तारण न होने पर यह कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी की समीक्षा में उप निदेशक कृषि विभाग के स्तर पर सर्वाधिक 23 व जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला कल्याण विभाग के आठ-आठ संदर्भ लंबित पाए गए। राजस्व एवं आपदा के कुल 17 संदर्भ समय-सीमा में निस्तारित नहीं हुए।
इनमें उप जिलाधिकारी रामसनेहीघाट के चार, तहसीलदार रामसनेहीघाट के तीन और तहसीलदार फतेहपुर के 10 संदर्भ शामिल हैं। विद्युत विभाग स्तर पर कुल छह संदर्भ लंबित पाए गए। इनमें अधिशासी अभियंता विद्युत फतेहपुर का एक, अधिशासी अभियंता विद्युत रामसनेहीघाट के तीन और अधिशासी अभियंता विद्युत रामनगर के दो संदर्भ थे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए लंबित संदर्भों में देरी के कारण को तीन दिन में स्पष्ट करने के लिए कहा है।
विभागों में लंबित संदर्भ
अधिशासी अभियंता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, के दो संदर्भ लंबित मिले। चकबंदी अधिकारी, सिरौली गौसपुर के स्तर पर एक संदर्भ लंबित पाया गया। अधिशासी अभियंता जल निगम (नगरीय) का भी एक संदर्भ लंबित था। इसी प्रकार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के स्तर पर भी एक संदर्भ लंबित मिला।