बाराबंकी। सफदरगंज के चक मजरे रहरामऊ गांव में बुधवार सुबह घर के अंदर संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में लगा लोहे का गेट गिरने से शबाना (70) की मौत हो गई। इस घटना के बाद से वे अभिभावक सन्न रह गए, जिनके बच्चे केंद्र पर रोजाना जाते हैं। गनीमत रही कि कोई बच्चा चपेट में नहीं आया।
चक गांव में करीब 20 साल पहले आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कराया गया था, लेकिन गुणवत्ता विहीन भवन जर्जर हो गया और एक भी दिन संचालन नहीं हो सका। गांव में प्राथमिक विद्यालय है, लेकिन पर्याप्त जगह न होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा वर्मा अपने ही घर पर केंद्र का संचालन कर रही हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, सुबह गांव की शबाना अपनी पोती को केंद्र पर भेजने गई थीं। घर में लगा लोहे का पुराना गेट जर्जर था। वृद्धा पोती को भेजने के बाद जैसे ही गेट को बंद कर रही थीं, उसी दौरान गेट उन्हीं के ऊपर गिर गया। ग्रामीण दौड़े, मगर तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
बच्चे अक्सर इसी गेट को पकड़कर झूलते थे : लोगों ने बताया कि बच्चे अक्सर इसी गेट को पकड़कर झूलते थे। थानाध्यक्ष अमर कुमार चाैरसिया ने बताया कि पंचायत नामा की प्रक्रिया के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।