हैदरगढ़-सुबेहा मार्ग पर स्थित पेचरुआ रेलवे क्रासिंग।
बाराबंकी। हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र की पेचरुआ रेलवे क्रॉसिंग पर करीब 77 करोड़ (76 करोड़ 87 लाख) रुपये की लागत से दो लेन का ओवरब्रिज बनेगा। पहली किस्त के रूप में 26 करोड़ 74 हजार रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। इससे करीब 250 गांवों की आबादी को सीधा फायदा मिलेगा, साथ ही वर्षों से लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र में हैदरगढ़ से शुक्ल बाजार रोड पर स्थित पेचरुआ रेलवे क्रॉसिंग उत्तर रेलवे के सुल्तानपुर–उत्तरेठिया रेल खंड पर किलोमीटर संख्या 995 और गेट नंबर 159 पर स्थित है। यहां ओवरब्रिज निर्माण की मांग लगभग 750 मीटर लंबा दो लेन का ओवरब्रिज प्रस्तावित है। यह स्थान अमेठी जिले की सीमा के नजदीक होने के कारण दोनों जिलों के लोगों को लाभ देगा। अधिकारियों के अनुसार परियोजना के तहत विभिन्न विभागों को शिफ्टिंग व अन्य कार्यों के लिए अलग से धनराशि स्वीकृत की गई है। पावर कॉरपोरेशन को विद्युत खंभों की शिफ्टिंग के लिए धन चार लाख, वन विभाग को पेड़ों के हटाने के लिए 80 लाख, बीएसएनएल को पांच लाख रुपये मिलेंगे। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ओवरब्रिज की लंबाई या चौड़ाई में बिना अनुमोदन कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
हैदरगढ़ की जगह पेचरुआ की स्वीकृति पर लोग स्तब्ध
स्थानीय स्तर पर सबसे अधिक दबाव हैदरगढ़ के पास बांदा-बहराइच स्टेट हाईवे पर पड़ने वाली है। रेलवे क्रॉसिंग पर है। यहां दशकों से जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है और लोग घंटों फंसे रहते हैं। मौजूदा विधायक दिनेश रावत ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। मुख्यमंत्री द्वारा एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश के बाद करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्ताव तैयार हुआ, जिसकी स्वीकृति की प्रतीक्षा थी। ऐसे में पेचरुआ ओवरब्रिज को प्राथमिकता दिए जाने को लोग अप्रत्याशित मान रहे हैं। विधायक दिनेश रावत ने कहा कि हैदरगढ़ रेलवे क्राॅसिंग को लेकर शासन स्तर पर बात करेंगे।