सैदनपुर (बाराबंकी)। लाखों रुपये खर्च करने बाद भी ब्लॉक क्षेत्र में बने अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं। पानी के साथ ही इनमें से हरियाली भी गायब है। कुछ गांवों में अभी तक पूरा काम भी नहीं हुआ है। इससे ग्रामीण इलाकों को अमृत सरोवर बना कर हरा-भरा बनाए रखने की प्रशासन की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विकासखंड सिरौली गौसपुर की 73 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 65 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर के निर्माण का प्रस्ताव दो साल पहले किया गया था, जिसमें 32 सरोवरों का काम अधूरा है। जिन एक दर्जन सरोवरों में काम पूरा हुआ भी है,वहां भी गर्मी शुरू होते ही पानी सूख रहा है। हरियाली के लिए सरोवर परिसर में लगाए गए पौधे तो पनपने से पहले ही मुरझा चुके हैं। मौलाबाद, दुर्जनपुर, दरिगापुर व अमरा देवी ग्राम पंचायत में बनवाए गए अमृतसर निर्माण पूरा न होने से अधूरे पड़े हैं। गर्मी बढ़ने के साथ सरोवरों के सूखने से इलाके में जल संकट भी गहराने लगा है।
15 लाख की लागत से बन कर तैयार मौलाबाद का सरोवर पूरी तरह सूख गया है। वहीं दुर्जनपुर पट्टी गांव में बना अमृत सरोवर अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। गांव के लोग पशुओं को बांधते हैं, इससे सरोवर परिसर में गंदगी व्याप्त रहती है। बीडीओ आदित्य श्रीवास्तव का कहना है कि सूखे पड़े अमृत सरोवर में जल्द ही पानी भरवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।