बाराबंकी। देवा के जंगल में मिली युवती की लाश के पीछे प्यार में धोखा और फिर हत्या की कड़ियां सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अबुज युवती से बयान बदलवाना चाहता था जबकि युवती पहले शादी करने पर अड़ी थी। बाद में यहीं युवती की मौत का कारण बना। मृतका दलित थी, इसलिए पुलिस ने हत्या की एफआईआर में एससीएसटी की धाराएं भी बढ़ा दी है। आरोपी अंबुज व उसके साथी संदीप की तलाश में पुलिस सीतापुर व लखनऊ में करीब आधा दर्जन संभावित जगहों पर दबिश दे चुकी है।
21 मई को देवा के उमरा जंगल में युवती का शव मिलता है। पहचान तो दूर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता नहीं चल पाने के बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया। तीन महीने बाद उन्नाव की एक युवती ने शव की पहचान अपनी बहन के रूप में की। पुलिस जांच में पता चला कि मृतका ने उन्नाव में सीतापुर के युवक अबुंज के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। युवती लखनऊ के विभूतिखंड स्थित एक स्पा में काम करती थी। पुन: मुलाकात होने के बाद आरोपी अंबुज व युवती लिव-इन में रहने लगे थे। पुलिस के अनुसार अंबुज ने कोर्ट में बयान बदलने की बात युवती से कही तो उसने शर्त रखी कि शादी के बाद ही बयान देगी। इसी बात को लेकरअंबुज व उसके बीच अनबन हो गई। देवा के एसएचओ आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि अंबुज की तलाश में दबिश जी जा रही है।