फेर रहा है। दलालों के वर्चस्व का आलम यह है कि अंदर से बाहर का कोई भी कार्य बिना इनके संभव नहीं है। ब्लॅड ग्रुप से लेकर आवेदकों का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी कुछ मिनटों में जारी कराना इनके बाएं हाथ का खेल है। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने एआरटीओ कार्यालय में दलालों के मकड़जाल की हकीकत परखी तो पाया कि दलालों का विभाग में अच्छा खासा दखल है।
कार्यालय के बाहर दुकानों पर 50 रुपये में ब्लॅड ग्रुप तो 70 रुपये में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनने के बोर्ड लगे मिले। अपने पटलों से बाबू गायब मिले और उनकी जगह बैठे दलाल कागजों की जांच करने से लेकर आवेदकों का टेस्ट व कक्ष संख्या सात में बैठे दलाल आवेदकों के डिजिटल हस्ताक्षर व फोटो स्क्रीनिंग के लिए टोकन बांटते मिले।
दो घंटे बाद भी नहीं आया नंबर
लर्निंग बनवाने आए देवकलिया निवासी दीपू का कहना है कि उसने मसौली चौराहे पर जनसेवा केंद्र पर आनलाइन आवेदन किया था। शुक्रवार को प्रपत्रों की जांच और फोटो स्क्रीनिंग के लिए बुलाया गया था। कहा कि मुझसे बाद में आने वाले आवेदकों के साथ कोई न कोई आकर बिना नंबर के जल्दी काम कराकर चले गए और मै बिना दलाल के टेस्ट देने आया हूं इसलिए दो घंटे से बैठा हूं अभी तक मेरा नंबर ही नहीं आया है।