बाराबंकी। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने बाराबंकी जिले का पूरा सिस्टम बदलने को मंजूरी प्रदान की है। इससे पुरानी तकनीक पर संचालित मुख्य केंद्र समेत सभी 72 दूरभाष केंद्र बंद हो जाएंगे। अब तक कॉपर लाइन से संचालित होने वाले टेलीफोन कनेक्शन को फाइबर लाइन में बदला जाएगा। इसके बाद बीएसएनएल उपभोक्ताओं को केवल फाइबर कनेक्शन ही देगा। इससे बेहतर लैंडलाइन फोन की सुविधा के साथ ही 5जी युक्त इंटरनेट की हाईटेक सेव भी मिल सकेगी।
पुराने एक्सचेंजों का सिस्टम बदलने के लिए 30 जून तक का समय निर्धारित किया गया है। जिले में बीएसएनएल के 72 दूरभाष केंद्र संचालित हैं। केंद्रीय संचार मंत्री रहते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने सुदूर अंचल के गांवों में भी दूरभाष केंद्रों की स्थापना करवाई थी। इस दौरान शहर के आवास विकास कॉलोनी में देश का सबसे हाईटेक दूरभाष केंद्र स्थापित किया गया। 15 साल पहले जिले में करीब 22 से 25 हजार लैंडलाइन कनेक्शन थे। यह सभी कनेक्शन जमीन में बिछाई गई कॉपर केबल के सहारे संचालित थे। इसके बाद मोबाइल फोन सेवा के चलन में आने के बाद बेसिक फोन सेवा यानी कि लैंडलाइन के उपभोक्ता लगातार कम होते गए। (संवाद)
मौजूदा समय में शहर, बरेठी, सफदरगंज व रामसनेहीघाट के केंद्रों से मात्र 250 कनेक्शन संचालित है। कई केंद्रों पर सालों से ताला लगा है। केंद्रों के रखरखाव पर हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। यूपी के पूर्वी परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक महेंश चंद्र सिंह ने बीते दिनों समीक्षा में पाया कि बाराबंकी के 72 केंद्रों का संचालन बंद करना जरूरी है। उन्होंने नई व्यवस्था के तहत बाराबंकी को मॉडल बनाने की मंजूरी देते हुए सभी दूरभाष केंद्र 30 जून से पहले बंद करने करने का आदेश दिया है।
इस दौरान जो नंबर संचालित हो रहे हैं उन्हें पूरी तरह से फाइबर कनेक्शन में बदला जा रहा है। शहर में कोतवाली के सामने दूरभाष केंद्र को बंद कर दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि आगे चलकर दूरभाष केंद्रों पर लगी करीब 50 करोड़ की मशीनरी नीलाम होगी। बीएसएनएल के टीडीएम डीके सिंह ने बताया िककि बीएसएनएल अपनी सारी व्यवस्था हाईटेक कर रहा है। 30 जून तक पूरी व्यवस्था बदल जाएगी। कोई भी दूरभाष केंद्र व नंबर पुरानी कॉपर केबल लाइन पर काम नहीं करेगा। सभी नंबर फाइबर लाइन में शिफ्ट किए जा रहे हैं। बाराबंकी को मॉडल बनाया जाएगा। इससे आय बढ़ेगी और बेवजह खर्च नहीं होगा।