बाराबंकी/सिरौलीगौसपुर। मौसम में आए बदलाव के साथ प्रदूषित हुई हवा दूषित सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ाने लगी है। मरीजों को सांस लेने में समस्या होने के साथ खांसी भी आ रही है। इसके साथ ही डेंगू और मलेरिया के साथ ही वायरल पीड़ित मरीजों की संख्या भी अस्पताल में कम होने का नाम नहीं ले रही है। इलाज के बावजूद कई कई दिनों तक बुखार न उतरने से अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल में बुधवार को ओपीडी में करीब 1450 मरीजों का उपचार किया गया। इनमें खांसी और सांस रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या 150 के पार रही। अस्थमा जैसी अन्य तमाम बीमारियों से पीड़ितों को ठंड एवं प्रदूषण के कारण सांस लेने में समस्या हो रही है। प्रदूषित हवा के कारण थोड़ी दूर तक पैदल चलने पर भी सांस फूलना शुरू हो जा रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि खांसी, सांस के मरीज बढ़े हैं।
वहीं संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में ओपीडी में बुधवार को करीब 400 मरीज देखे गए। इनमें से अधिकांश मरीज बुखार से पीड़ित इनकी जांच कराई गई। तेज बुखार के चलते साजिद, रवि, मोहम्मद उबेद समेत पांच को भर्ती करना पड़ा। जांच में प्लेटलेट्स कम पाई गई लेकिन डेंगू की पुष्टि नहीं हो पाई। अधीक्षक डॉ. नीरज वर्मा ने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते लोग सर्दी, जुखाम, बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढी है।