बाराबंकी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए शासन स्तर से प्रशिक्षण देकर एआई प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार के कौशल विकास मिशन के तहत प्रदेश के आवश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों तथा डिजिटल क्षेत्र से जुड़े युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान नागरिकों को इस तकनीक के फायदे और नुकसान दोनों के प्रति जागरूक किया जाएगा। योजना के तहत बाराबंकी जिले के 15 हजार से अधिक कर्मचारियों और युवाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसका उद्देश्य शिक्षण संस्थानों के साथ स्वास्थ्य व खेती किसानी के क्षेत्र में इस तकनीक के सकारात्मक प्रयोग का फायदा उठाना है। ताकि रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें और समावेशी विकास सुनिश्चित हो। उद्योगों में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यवसायी और प्रोफेशनल्स लोगों को एआई की ट्रेनिंग कौशल विकास मिशन के तहत दी जाएगी। इसमें खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ई डिस्ट्रिक मैनेजर धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग को ग्रामीण से शहरी इलाकों तक ले जाना संभव होगा। ताकि सभी वर्गों के लोगों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके। इसके माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
माइक्रोसॉफ्ट समेत कई कंपनियों का सहयोग
माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, एचसीएल, मिलियन बिलियन जैसी कंपनियां इस पूरी कार्ययोजना का हिस्सा है। शासनादेश में इनका नाम शामिल करते हुए सरकार ने सबको अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी है। सरकारी अधिकारी कर्मचारी शिक्षक छात्राएं डॉक्टर सबसे पहले प्रशिक्षित किए जाएंगे।