कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार ने कहा कि प्रदेश के अन्य किसानों को रामसरन की तर्ज पर खेती करके प्रदेश का नाम रोशन करना चाहिए। इसके लिए किसानों की हरसंभव मदद की जाएगी। किसानों की तरक्की से ही प्रदेश की तरक्की संभव है। प्रदेश सरकार किसानों के उत्थान के लिए कई प्रकार की योजनाएं चला रही है जिसका सीधा लाभ किसानों को दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिनी कामधेनु योजना सरकार ने किसानों की उन्नति के लिए ही चलाई है। इसके अलावा पोल्ट्री फार्म योजना किसानों की मदद में सहायक बन रही है।
कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार बृहस्पतिवार को करीब सवा 11 बजे टिकैतनगर कस्बा पहुंचे। एपीसी सीधे पूर्व चेयरमैन जगदीश प्रसाद गुप्ता द्वारा संचालित कामधेनु योजना को देखने गौशाला पर पहुंच गए। उन्होंने सबसे पहले दूध के प्रतिदिन उत्पादन के बारे में जानकारी ली। पूर्व चेयरमैन ने बताया कि प्रतिदिन सात सौ लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है। इस समय 70 गायें दूध दे रही हैं। सारा दूध लखनऊ भेजा जा रहा है। आयुक्त ने गायों के चारे की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने गोबर गैस के प्लांट के बारे में जानकारी ली। गायों के लिए पानी के इंतजाम को उन्होंने सराहा। यहां पर गायों को ऑटोमेटिक सिस्टम द्वारा पानी एक एल्यूमिनियम के टैंक में जाता है उसके वह पाइप के जरिए हर गाय तक पहुंचता है।
एपीसी को बताया कि पूरी योजना एक करोड़ बीस लाख की है जिसमें नब्बे लाख रुपये सहायता राशि मिली है अन्य तीस लाख रुपये संचालक ने लगाए। जिसमें सत्तर लाख रूपये की सौ गायें खरीदी गयीं। गाय के गोबर से वर्मी काम्पोस्ट खाद बनाने व बिक्री के बारे में जानकारी मांगी गयी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इस दूध डेयरी के जरिए कुछ सीखने की जरूरत है। जिसके लिए उन्होंने पूर्व चेयरमैन से कहा कि जिस तरह दूर-दूर से लोग डेयरी पर आकर यहा सीखते हैं। इस तरह क्षेत्र के लोगों को भी जागरूक करके लोगो को गाय पालन के प्रति रुझान बढाएं।