भुखमरी के कगार पर पहुंचे एक श्रमिक ने गुरुवार को सूत मिल की टंकी पर चढ़ कर जान देने का प्रयास किया। उसे छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इस कारण वह अपने बच्चों की फीस नहीं जमा कर सका जिससे स्कूल वालों ने बच्चों का नाम काट दिया। वहीं किराया न देने पर मकान मालिक से घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कोई रास्ता न सूझने पर पानी की टंकी चढ़ गया। वह करीब दो घंटे तक टंकी पर चढ़ा रहा और अपनी बात लोगों के बीच रखता रहा। टंकी पर ही मजदूर ने गले में मोफलर का फंदा बांधकर फांसी लगाने का प्रयास किया। इसके बाद पहुंचे नायब तहसीलदार के लिखित आश्वासन के बाद शांत हुआ मजदूर नीचे उतरा। तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली। इस दौरान यहां पर लोगों की भीड़ रही।
शहर कोतवाली इलाके में जहांगीराबाद मार्ग पर स्थित सूत मिल में काम करने वाले देवेंद्र मोहन मिश्रा(42) को करीब छह माह से वेतन नहीं मिला है। मजदूर को वेतन न मिलने से उसके परिवार को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घर में जहां खाने केे लाले हैं, वहीं फीस न जमा होने के कारण बच्चों को स्कूल से भी निकाल दिया गया है। अफसरों के यहां दौड़भाग के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो बृहस्पतिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे मजदूर देवेंद्र मोहन सूत मिल में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गया और नीचे खड़े लोगों से कहने लगा कि वह टंकी से कूदकर जान देने जा रहा है।
मजदूर के टंकी पर जान देने की जानकारी होते ही मौके पर लोगों की भीड़ लग गई वहीं सूत मिल व प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए। करीब दो घंटे बाद साढ़े तीन बजे नायब तहसीलदार संदीप त्रिपाठी पहुंचे और मजदूर से कहा कि उसे उसका वेतन दिलाया जाएगा फिर भी वह नहीं माना जिसके बाद जब नायब तहसीलदार ने लिखित आश्वासन दिया। तब जाकर वह नीचे उतरा। जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।