बाराबंकी। बाराबंकी की प्रतिभाशाली बेटी पूजा पाल ने अपने नवाचार और संघर्ष के दम पर एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। धूल रहित थ्रेशर (भूसा-धूल पृथक्करण यंत्र) का मॉडल बनाकर देशभर में पहचान बनाने वाली पूजा की सराहना अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने भी की है।
सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के छोटे से गांव डलई का पुरवा निवासी दिहाड़ी मजदूर पुत्तीलाल की बेटी पूजा ने तीन वर्ष पहले विपरीत परिस्थितियों के बीच पढ़ाई करते हुए किसानों की समस्या को ध्यान में रखकर धूल रहित थ्रेशर का मॉडल तैयार किया था।
उनके इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और भारत सरकार ने उन्हें जापान की शैक्षिक यात्रा पर भी भेजा।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी एक डॉक्यूमेंट्री में पूजा की प्रेरणादायक कहानी का उल्लेख कर चुके हैं।
हाल ही में 20 जुलाई को मुंबई में आयोजित एक समारोह में पूजा, उनके पिता पुत्तीलाल और शिक्षक राजीव श्रीवास्तव को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने पूजा की संघर्ष से सफलता तक की कहानी बड़े ध्यान से सुनी।
पूरी कहानी सुनने के बाद सचिन ने कहा, चुनौतियां ही प्रतिभा को निखारती हैं। मुश्किलें आएंगी, लेकिन उनसे घबराना नहीं, वही आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने शिक्षक राजीव श्रीवास्तव की सराहना करते हुए कहा कि जैसे उनके जीवन में गुरु रमाकांत आचरेकर की अहम भूमिका रही, उसी तरह पूजा की सफलता में भी उनके शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान है।
पूजा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर से मुलाकात उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी थी। अब उनका लक्ष्य विज्ञान के क्षेत्र में और बड़े नवाचार कर देश और समाज के लिए उपयोगी तकनीक विकसित करना है।
पीएम मोदी के बाद सचिन तेंदुलकर ने भी बाराबंकी की बेटी पूजा को सराहा