यूपी बार काउंसिल की अपील पर वकीलों ने गुरुवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। कई जिलों में हुई अधिवक्ताओं की हत्या पर विरोध जताया। वकीलों ने आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई और दिवंगत अधिवक्ताओं को 50 लाख मुआवजे देने की मांग की।
मालूम हो कि यूपी बार काउंसिल ने उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के अधिवक्ता जितेंद्र सिहं यादव की हत्या के विरोध में और कई जिलों में अन्य वकीलों की हत्या के संबंध में आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर व मौन रहकर विरोध दिवस मनाते हुए न्यायिक कार्यों के बहिष्कार की घोषणा की थी।
गुरुवार को वकीलों ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर विरोध दिवस मनाया। जिला बार अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेेेश के कई जिलों में वकीलों की हत्याएं व घातक हमले हुए हैं। इससे वकीलों में आक्रोश है। पुलिस द्वारा अधिकतर मामलों में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि दिवंगत अधिवक्ता के परिवारीजनों को 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति व वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वकीलों ने न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के दौरान कोई भी कार्य नहीं हुआ। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष जगत बहादुर सिहं, कौशल त्रिपाठी, इखलाख अहमद, नरेंद्र वर्मा, विष्णु प्रताप सिंह ,अजय वर्मा, शैलेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।