बाराबंकी। मिलावटखोर अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इस पर विभाग ने 158 मिलावटखोरों पर कार्रवाई करते हुए इनसे करीब 20 लाख रुपये की वसूली की। इसके बाद भी मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही है। इसे देखते हुए इस बार होली पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विभाग ने चार टीमें गठित की हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के मुताबिक जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत अप्रैल 2019 से अब तक 306 नमूने भरकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 206 नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई हैं जिनमें से 158 नमूने जांच में फेल हो गए। जिन नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है इनमें से करीब 73 नमूने ऐसे हैं जो अधोमानक पाए गए तथा 63 नमूनों में लेवलिंग और पैकेजिंग का उल्लंघन पाया गया। इसके अलावा 22 नमूने असुरक्षित पाए गए हैं जिनका सेवन करना सेहत के लिए घातक हैं। ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ अदालत में वाद दायर कराया गया है।
वहीं अन्य विक्रेताओं के खिलाफ अपर जिलाधिकारी/ न्याय निर्णायक अधिकारी की अदालत में वाद दायर किया गया जिस पर अपर जिलाधिकारी की अदालत ने इन मिलावटखोरों पर करीब 20 लाख 29 हजार का जुर्माना ठोका है। इसके बाद भी मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है और खाने-पीने की हर प्रकार की सामग्री में मिलावट कर उसे बाजार में बेचा जा रहा है।
जांच में जो नमूने फेल हुए हैं उनमें सबसे ज्यादा दूध के नमूने शामिल हैं। दूध के करीब 28 नमूनों में मिलावट पाई गई। इसके बाद दूसरे नंबर पर नमकीन है जिसके 18 नमूनों में मिलावट की पुष्टि हुई है। वहीं खोवा के 14 नमूने जांच में फेल हुए हैं। इसके अलावा सरसों के तेल के छह और ब्रांडेड मस्टर्ड आयल के तीन नमूने भी जांच में फेल पाए गए हैं।
एफएसडीए द्वारा भरे गए 206 नमूनों में से 22 नमूने ऐसे पाए गए हैं जिनमें ऐसे घातक कलर, चांदी वर्क आदि की मिलावट की गई है जिसका सेवन सेहत के लिए काफी नुकसान दायक है। इनमें से अभी तक कितने लोगों को सजा हुई है, इसकी जानकारी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन करने से लीवर कैंसर होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा आपकी किडनी भी फेल हो सकती है। इसके अलावा मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से डायरिया जैसी बीमारी हो सकती है क्योंकि मिलावट करने वाले कई प्रकार के ऐसे केमिकल्स मिला देते हैं जो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं।
अभिहीत अधिकारी डॉ. टीआर रावत ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले 158 पर न्याय निर्णायक अधिकारी की अदालत ने 20 लाख 29 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा 22 विक्रेताओं के खिलाफ कोर्ट में वाद भी दायर किया गया है। मिलावट पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। होली को देखते हुए मिलावटीखाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।