बाराबंकी। खाद की कालाबाजारी और जबरन टैगिंग रोकने के लिए डीएम ईशान प्रताप सिंह ने सख्त रुख अख्तियार किया है। बृहस्पतिवार को लोक सभागार में आयोजित कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की टैगिंग किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उल्लंघन करने वालों पर सीधे कानूनी कार्रवाई होगी।
बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उप कृषि निदेशक उमेश कुमार ने बताया कि पीएम-कुसुम योजना के तहत 104 किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाए जा चुके हैं। एग्रीजंक्शन योजना के तहत चयनित 15 लाभार्थियों को जल्द ही आरसेटी में 13 दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अलावा, जनपद में 84 प्रतिशत से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा हो चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि खरीफ अभियान के तहत ढैंचा और धान के बीजों का शत-प्रतिशत वितरण हो चुका है, जबकि दलहन और मिलेट्स बीजों का वितरण तेजी से जारी है। कृषि यंत्रों की बुकिंग 10 अगस्त, 2026 तक खुली रहेगी। बैठक में सीडीओ, पद्मश्री राम सरन वर्मा, कृषि अधिकारी राजित राम सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं उर्वरक थोक विक्रेता मौजूद रहे।