बाराबंकी। सरकारी क्रय केंद्रों से धान की उठान में राइस मिल मालिकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर प्रशासन सख्त हो गया है। मंगलवार को एसडीएम सदर के नेतृत्व में टीम ने हरख स्थित एक राइस मिल पर छापा मारा। छानबीन के दौरान अभिलेखों में खामियां मिलने पर टीम ने मिल संचालक के खिलाफ जैदपुर थाने में केस दर्ज कराया है। मिल संचालक के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद अन्य मिल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय के नेतृत्व में जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी, नायब तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह और आपूर्ति निरीक्षक अतुल सिंह की टीम ने मंगलवार को हरख स्थित नरायन राइस मिल पर छापा मारा। छानबीन के दौरान एसडीएम ने जब मिल संचालक अनोज वर्मा से अभिलेख दिखाने को कहा तो वह करीब ढाई घंटे तक कोई भी अभिलेख टीम के सामने पेश नहीं कर सके।
इसके अलावा जो अभिलेख दिखाए गए थे वे भी आधे-अधूरे थे। धान की उठान में भी इनके द्वारा जमकर लापरवाही बरती जा रही थी। इसके अलावा उठाए गए धान के साथ ही एफसीआई को दिए गए सीएमआर का कोई विवरण अभिलेखों में दर्ज नहीं था।
एसडीएम ने बताया कि अभिलेखों में खामियां मिलने और सरकारी धान की उठान में घोर लापरवाही पाए जाने पर मिल संचालक के खिलाफ जैदपुर थाने में केस दर्ज कराया जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक जैदपुर संदीप राय ने बताया कि तहरीर मिली है। केस दर्ज कर जांच की जाएगी।
राइस मिलों की जांच के लिए टीमें गठित
क्रय केंद्रों पर खरीदे गए सरकारी धान की उठान में राइस मिलर्स द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर जिलाधिकारी ने राइस मिलों की जांच के लिए टीमों का गठन कर बुधवार शाम तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। सरकारी धान क्रय केंद्रों से संबद्ध सभी राइस मिलों की जांच के आदेश दिए गए हैं। इसको लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी गई है और जांच रिपोर्ट 23 दिसंबर की शाम पांच बजे तक जिला खाद्य विपणन अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष पेश करनी है। इस आदेश से मिल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
दो विपणन अधिकारियों के निलंबन की संस्तुति
जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने दो विपणन अधिकारियों के निलंबन की संस्तुति करते हुए प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को पत्र भेजा है। जिलाधिकारी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि दरियाबाद और भिटरिया में तैनात केंद्र प्रभारियों की जांच कराई गई थी। धान खरीद में अनियमितता पाए जाने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामसनेहीघाट दिव्यांशु पटेल ने इन दोनों हटाए जाने तथा निलंबन की संस्तुति की थी। जिस पर तत्काल प्रभाव से दरियाबाद में तैनात सुरेंद्र कुमार चौधरी और भिटरिया में तैनात रही गायत्री देवी मौर्या को हटाते हुए मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। दोनों से स्पष्टीकरण तलब किया गया था लेकिन 22 दिसंबर तक इनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर दोनों को निलंबित करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।