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चार फर्जी शिक्षक और मिले, दो बर्खास्त

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बाराबंकी। बीएड की फर्जी डिग्री के सहारे जिले के परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे चार शिक्षक पकड़ में आए है। इनमें से दो की सेवा समाप्त कर दी गई है। एक ने न्यायालय की शरण ली तो एक अन्य सात साल पहले अंतरजनपदीय तबादले के तहत हाथरस जिले में नौकरी कर रहा है। एक अन्य शिक्षक के अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। फर्जी मिले इन शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ वेतन की वसूली की जाएगी।
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एसआईटी जांच में इन फर्जी शिक्षकों का खुलासा होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार का आदेश बीएसए को मिला। फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ वेतन की वसूली कराने के आदेश दिए गए है। इसके बाद बीएसए ने फतेहपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंझगवां शरीफ में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात यतींद्र कुमार व देवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रानीगंज में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात मौसमी सिंह की सेवा समाप्त कर दी गई है।
देवा ब्लॉक के ही प्राथमिक विद्यालय पीड़ की शिक्षिका भावना पाठक ने न्यायालय की शरण ली। मगर, बीएसए ने उनका वेतन रोक दिया है। एक अन्य रामनगर के प्राथमिक विद्यालय जेवली में तैनात शिक्षक रामकृष्ण के अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। वहीं बनीकोडर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनौली में तैनात विनोद कुमार वर्ष 2013 में अंतरजनपदीय तबादला कराकर हाथरस में नौकरी कर रहा है। इसके संबंध में बीएसए ने हाथरस के बीएसए को पत्र भेजकर इस फर्जी शिक्षक से वेतन की वसूली कराने की बात कही है। वहीं बीएसए ने एसपी बाराबंकी को पत्र लिखकर फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज करने तथा बीईओ को इन शिक्षकों से वेतन की वसूली कराने की अपेक्षा की है।
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