यूपी के बाराबंकी में बुधवार को अधेड़ की हत्या व तीन को घायल करने के मामले में परिजनों ने सनसनीखेज खुलासा किया। भतीजे ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि एक दिन पहले ही रात में उनके घर आकर धमकी दी गई थी कि पुराने मुकदमे में सुलह करो या घर छोड़कर चले जाओ, नहीं हो हत्या कर दी जाएगी। तहरीर पर पुलिस ने 11 लोंगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
अगले ही दिन बुधवार को शत्रोहन बाजार से घर आ रहे थे तो गांव में पहुंचते ही महेश, सुरेश, चंद्रपाल, रिंकू, पिंटू, विशंभर, सुखरानी, सुघरा व किरण ने हथौड़ी, बांका, कुल्हाड़ी व हंसिया से हमला कर लहूलुहान कर दिया। बचाने गए शत्रोहन के भाई गिरधारी व गिरधारी के पुत्र सचिन को भी घायल कर दिया। जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को कई आरोपियों को हिरासत में ले लिया। लोनीकटरा के एसओ दौमित्र सेन रावत ने बताया कि 11 पर हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
त्रिवेदीगंज (बाराबंकी) शत्रोहन के शव को पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार शाम रामगंज गांव लाया गया। लेकिन नाराज परिजनों ने नामजद आरोपियों का नाम निकालने की आशंका जताते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। कहाकि सीएम से मिलकर अपनी बात कहेंगे। इस पर हैदरगढ़ के विधायक दिनेश रावत व एसडीएम ने नाम नहीं निकाले जाने, आर्थिक सहायता देने व सीएम से वार्ता कराने की आश्वासन दिया। शुक्रवार को अंतिम संस्कार होगा।
जमीनी विवाद का मामला कई बार थाने पहुंचा मगर पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। पुलिसकर्मियों की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता कि बुधवार को शत्रोहन की मौत की पुष्टि करने में डेढ़ घंटे लग गए। परिजनों ने साफ कहा कि वे अपनी शिकायतें लेकर पुलिस के पास जाते रहे। थाना दिवस में भी गए।