बाराबंकी। रामनगर क्षेत्र में नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके पिता अभियोजन के समर्थन में नहीं रहे। अदालत में पीड़िता ने घटना से इन्कार करते हुए रिपोर्ट को झूठा बताया। उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने आरोपी शैलेंद्र कुमार को दोषमुक्त कर दिया।
साथ ही झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने और झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने के मामले में वादी के खिलाफ अलग से प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए। दो नवंबर को रामनगर के एक गांव निवासी व्यक्ति ने गांव के ही शैलेंद्र कुमार के खिलाफ खेत में अपनी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।
सुनवाई में पीड़िता ने कहा कि उसके पिता ने झूठी रिपोर्ट लिखाई थी। उसने बताया कि महिला पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका कोई बयान नहीं हुआ और शैलेंद्र ने उसके साथ कोई घटना नहीं की। न्यायालय ने वादी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम-2012 के तहत अलग प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश भी दिए।