कोटवाधाम। दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के कमोली गांव से 13 दिन पहले गुजरात के अहमदाबाद में कमाने गए युवक सिरताज (20) की वहीं पर संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मंगलवार सुबह सिरताज का शव गांव पहुंचा तो उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले। इसे देख कर भड़के परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने साथ गए दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कोटवाधाम–कोटवासड़क मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
आक्रोशित लोग सड़क पर लेट कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। करीब दो घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। इसके बाद ही नाराज लोगों ने रास्ता जाम व प्रदर्शन खत्म किया। कमोली गांव निवासी अशमद अली ने बताया कि उनका पुत्र सिरताज 13 दिन पहले अहमदाबाद गया था। उसे ढेकवा गांव के कमलेश और चंद्रशेखर रोजगार दिलाने के लिए अहमदाबाद ले गए थे। आरोप लगाया कि वहां दोनों ने मिलकर सिरताज की पिटाई कर हत्या कर दी। परिजनों का कहना है कि उन्हें अहमदाबाद से फोन पर बेटे की मौत की सूचना दी गई। मंगलवार सुबह सिरताज का शव गांव पहुंचा तो चंद्रशेखर भाग निकला।
परिजनों ने जब शव देखा तो सिर और शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शव को खजुरी चौराहे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को बिगड़ता देख दरियाबाद, बदोसराय, टिकैतनगर, रामसनेहीघाट, असन्द्रा और सफदरगंज थाने के पुलिस बल के साथ रामसनेहीघाट के सीओ जटाशंकर मिश्र मौके पर पहुंचे।
तीनों आरोपियों पर केस दर्ज करने के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे परिजन जाम खत्म कर शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर गए।