सैदनपुर। थाना क्षेत्र के पेरी मजरे मौलाबाद गांव निवासी रामकुमार (38) का शव शनिवार देर रात घर के अंदर फंदे से लटकता मिला। परिजन इसकी सूचना पुलिस को दिए बिना ही हड़बड़ी में रविवार को युवक का अंतिम संस्कार करने के लिए शव को ले गए। गांव के बाहर तालाब किनारे युवक की चिता भी सजा दी गई लेकिन अग्नि देने से पहले ही पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को चिता से उठाकर अपने कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात पेरी गांव निवासी रामकुमार का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला था। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। लेकिन इसकी सूचना किसी ने भी पुलिस को नहीं दी। रविवार सुबह परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के बाहर स्थित तालाब किनारे लेकर पहुंचे। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने 112 नंबर पर फोन कर युवक की मौत के बारे में खबर कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने चिता पर रखे शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
मृतक के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार रामकुमार का 29 सितंबर को मुंबई लौटने का टिकट भी हो चुका था, लेकिन उससे पहले ही अचानक हुई उसकी संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष सफदरगंज अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि पूरी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी। बताया कि अभी तक परिजनों की तरफ से किसी के भी खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
उधर, गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। उनका कहना है कि रामकुमार ने खुशी के साथ 29 सितंबर को मुंबई वापस लौटने का टिकट कराया था। हम उसे विदा करने की तैयारी में थे लेकिन किसे पता था कि उसके शव को कंधा देना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि रामकुमार का न तो गांव में किसी से कोई झगड़ा व विवाद था न ही परिवार में किसी से अनबन होने की जानकारी है। फिर अचानक खुदकुशी करना सवाल पैदा करता है।