सिरौलीगौसपुर। दशकों से तारीखों के फेर में उलझे फरियादियों को अब राहत मिलेगी। साथ ही बेहतर तालीम का सपना देख रहे बच्चों की मुराद भी पूरी हो सकेगी। इसके लिए बदोसराय-रामनगर मार्ग पर बसा टिकुरी गांव नए बदलाव की गवाही देगा। यहां कानून की चौखट और पढ़ाई का माहौल एक ही आंगन में दिखेगा। एक तरफ आम जनता की कानूनी दुश्वारियां खत्म होंगी तो ठीक इसके बगल में पठन पाठन की बेहतर व्यवस्था से 1500 नौनिहालों का भविष्य बेहतर बन सकेगा। इसके लिए जमीन आवंटन पर तहसील प्रशासन की मुहर लगते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया तेज हो गई है।
ग्राम न्यायालय के लिए लंबे समय से जारी भूमि की तलाश टिकुरी में 30 बीघा जमीन चिह्नित होने के साथ पूरी हो गई है। इसका प्रस्ताव एसडीएम ने तैयार कर जिलाधिकारी को भेज दिया है। । वहीं, 32 बीघा में प्रस्तावित मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का प्रस्ताव भी चार महीने पहले ही शासन को भेजा जा चुका है। कुल 62 बीघा में दोनों बड़े संस्थानों के निर्माण की रूपरेखा तय होने लगी है।
एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि ग्राम न्यायालय और मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा गया था। इसको लेकर भूमि चिह्नित कर करना था। इसके लिए रामनगर- बदोसराय मार्ग पर टिकुरी गांव में 42 बीघे जमीन का स्थलीय निरीक्षण के बाद पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। दोनों निर्माण कार्य पूरे होते ही टिकुरी सुलभ न्याय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की नई मिसाल बन जाएगा। ( संवाद)
भूकंपरोधी निर्माण संग ग्रीन एनर्जी से लैस होगा परिसर
पूरे परिसर का निर्माण आधुनिक भूकंपरोधी तकनीक से कराया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ओपन जिम, विशाल क्रीड़ा स्थल और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए सोलर पैनल भी स्थापित किए जाएंगे।यह मॉडल विद्यालय प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई का एकीकृत केंद्र बनेगा। इसमें 1500 विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, भाषा प्रयोगशाला, डिजिटल लाइब्रेरी, स्किल हब सेंटर और 300 क्षमता का मल्टीपर्पज हॉल तैयार किया जाएगा।