लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे के बारा टोल प्लाजा के पास तैनात पुलिस व पीएसी बल।
हैदरगढ़। लखनऊ-सुल्तानपुर नेशनल हाईवे के बारा टोल प्लाजा पर वकील से मारपीट के बाद वकीलों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को चौथे दिन थम गया। आरोपी कंपनी का अनुबंध रद्द होने पर टोल वसूली का जिम्मा इनोविजन लिमिटेड ने संभाला है। हालांकि एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौके पर सीओ की अगुवाई में पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा।
14 जनवरी को उच्च न्यायालय जा रहे प्रतापगढ़ के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला की कार का फास्टट्रैक काम नहीं करने पर विवाद हो गया था। इसके बाद टोल कर्मियों द्वारा वकील की पिटाई की गई। इसका वीडियो वायरल होने पर प्रदेशभर में वकील आंदोलित हो गए। वकीलों ने टोल पर कब्जा करके हाईवे फ्री कर दिया था। पुलिस इस मामले में 15 के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर टोल मैनेजर समेत पांच को जेल भेज चुकी है। शुक्रवार को एनएचएआई ने शुल्क वसूली करने वाली कंपनी स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध समाप्त कर 5.3 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके बाद शनिवार को टोल प्लाजा पर शांति दिखी। टोल शुल्क वसूली के लिए नई एजेंसी इनोविजन लिमिटेड ने कार्य संभालते हुए आंदोलन के दौरान उठाए गए गेट के बंबू ठीक कराए और वाहनों से शुल्क वसूली शुरू की है। एजेंसी के मैनेजर ने बताया बारा टोल प्लाजा का कांट्रैक्ट पाने वाली एजेंसी आईआरबी के पहुंचने तक उनकी कंपनी इनोविजन लिमिटेड को जिम्मेदारी मिली है। सीओ समीर सिंह ने बताया मौके पर पुलिस तैनात है।