देवा। नगर पंचायत में एक मृत व्यक्ति की भांजी द्वारा तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष और अन्य लोगों की मिलीभगत से खुद को मृत व्यक्ति की पुत्री बताकर दो लाख रुपये हड़पने और संपत्ति पर कब्जा करने के प्रयास का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा सुनवाई न करने के आरोप के बाद मृतक के भाई ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अदालत के आदेश पर देवा कोतवाली में तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष, पूर्व सभासद, भांजी सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कस्बा देवा के शेख-एक वार्ड निवासी सिराज ने एसीजेएम की अदालत में अर्जी देकर बताया कि उनके छह भाई और एक बहन नफीसुन हैं। उनके चौथे भाई इसरार निसंतान थे और उनकी पत्नी की भी मृत्यु हो चुकी है। आरोप है कि बहन नफीसुन ने दस्तावेजों में हेरफेर कर अपनी पुत्री शाहनाज बानो का नाम फर्जी तरीके से परिवार रजिस्टर में शामिल करवा दिया, जिसमें शाहनाज को इसरार की पुत्री के रूप में दर्शाया गया था। इसी आधार पर उत्तराधिकार प्रमाणपत्र बनवाकर इसरार के बैंक खाते में जमा दो लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई। अब शाहनाज उनकी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है।
सिराज का आरोप है कि यह फर्जी परिवार रजिस्टर पूर्व सभासद जाहिद और तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष साहबे आलम वारसी की मिलीभगत से तैयार करवाया गया था। इस मामले में पुलिस की ओर से सुनवाई न होने पर सिराज ने अदालत का सहारा लिया, जिसके बाद अदालत के आदेश पर पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
देवा के कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पंचायत से संबंधित पत्रावली मंगाई गई है और गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।