बाराबंकी। खेती में नवाचार के साथ ही कम लागत में खेती के संसाधनों को बनाने और जुटाने में हरख ब्लॉक के प्रगतिशील किसान राम सरन वर्मा काफी कुशल हैं। दौलतपुर गांव निवासी पद्मश्री राम सरन ने हाल ही में सवा लाख की कीमत से बांस बल्ली से बना नेट हाउस बनाने का नवाचार किया है।
लोहे के पाइपों पर 1500 वर्ग मीटर यानि कच्चा डेढ़ बीघा रकबे में जो नेट हाउस करीब आठ लाख रुपये में बनकर तैयार होता था, उसे राम सरन ने मात्र सवा लाख रुपये के खर्च से तैयार किया है। इसमें लोहे के पाइप की जगह बांस का उपयोग किया है। बांस के शेड पर ग्रीन नेट लगाकर इस ग्रीन नेट हाउस को शानदार लुक दिया गया है। जो मजबूती के साथ ही कम खतरे वाला भी है। लोहे का नेट हाउस आंधी-तूफान में किसानों व श्रमिकों के लिए खतरनाक बन जाता है। पर बांस से बने नेट हाउस ऐसी आपदा आने पर खतरा बहुत कम होता है।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले बिहार में पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन के एक कार्यक्रम में गए थे, वहां बांस-बल्ली पर पंडाल बहुत मजबूती से बना था, बारिश होने पर भी वह नहीं हिला। इसी से उन्हें बांस-बल्ली पर ग्रीन नेट हाउस बनाने की प्रेरणा मिली। गांव लौटकर उन्होंने 25 हजार का बांस, 45 हजार रुपये का ग्रीन नेट खरीदने के बाद मजदूरी व अन्य फुटकर सामान को मिलाकर करीब एक लाख 25 हजार रुपये खर्च कर बांस बल्ली से बना नेट हाउस तैयार कर दिया।
राम सरन का कहना है कि वह इस नेट हाउस में केला की नर्सरी करेंगे जो जुलाई तक तैयार हो जाएगी। इसके बाद इसमें टमाटर की नर्सरी तथा शिमला मिर्च व खीरा की खेती भी की जाएगी। छोटे किसान इसी तरह कम रकबे में भी बांस-बल्ली व नेट से ग्रीननेट हाउस बना सकते हैं। उप कृषि निदेशक श्रवण कुमार का कहना है कि पद्मश्री राम सरन का ग्रीन नेट हाउस कर्म खर्च में तैयार एक बेहतरीन नवाचार है, जिसे सभी किसानों को देखना चाहिए।