सूरतगंज (बाराबंकी)। टीका लगने के चार दिन बाद एक मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने टीकाकरण में लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत सीएचसी अधीक्षक से की।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर की जांच में पाया कि मासूम की मौत टीकाकरण से नहीं बल्कि डायरिया से हुई है। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मोहमदपुर खाला के तेलवाय निवासी संजय शर्मा के चार बेटियां है। इसमें सबसे छोटी बिटिया अभी शर्मा दस महीने की है। संजय ने बताया कि दांत निकलने के कारण उसे बुखार व दस्त आ रहे थे। इसके बावजूद बुधवार दोपहर एएनएम जुबैदा खान ने उसे नौ माह पर लगने वाला टीका लगा दिया। जबकि पत्नी मोहनी ने दस्त और बुखार होने की जानकारी दी थी।
शनिवार को हालत बिगड़ने पर उसको सीएचसी सूरतगंज ले गए। जहां से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। घर वाले बेटी अभी शर्मा को लेकर घर पहुंचे और बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया। शिकायत पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी ने टीम भेजकर जांच कराई तो पता चला कि मासूम को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाने के बजाए परिजनों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर डायरिया के कारण उसकी मौत हो गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया कि टीकाकरण से मासूम की मौत नहीं हुई है।