कुर्सी (बाराबंकी)। बहरौली मानइर शुक्रवार की भोर ग्राम जहांगीराबाद के पास दो स्थानों पर करीब एक-एक मीटर में कट गई। इससे तकरीबन डेढ़ सौ बीघा में लगी फसल जलमग्न हो गई। आलू, गेहूं व लहसुन आदि की फसलों का सर्वाधिक नुकसान हुआ है। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने माइनर के कटे तट को बांधने की कोशिश की लेकिन पानी के तेज बहाव के चलते वह सफल नहीं हुए। ग्रामीणों की सूचना पर भी देर शाम तक सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच सके।
कुर्सी थाना क्षेत्र के ग्राम जहांगीराबाद के पास शुक्रवार की रात करीब दो बजे बहरौली माइनर दो जगहों पर कट गई। कटान करीब एक-एक मीटर की रही। भोर में करीब छह बजे ग्रामीण खेतों की तरफ गए तो खेतों में लबालब पानी देख उन्हें माइनर कटने की जानकारी हुई। माइनर कटने से करीब डेढ़ सौ बीघा में लगी गेहूं, आलू, लहसुन की फसल डूब गई। कटी माइनर पाटने के लिए आननफानन ग्रामीण मौके पर पहुंचे और माइनर कटान को पाटने का प्रयास करने लगे। घंटों की मेहतन के बाद भी तेज बहाव के चलते वे वह असफल रहे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी लेकिन शुक्रवार की शाम तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।माइनर कटने से जहांगीराबाद गांव के सनेही का 17 बीघा गेहूं व लहसुन, पोला का पांच बीघा गेहूं, शिवनंदन का सात बीघा गेहूं, राम भजन का छह बीघा गेहूं, अजीत मौर्य का दो बीघा गेहूं, मनोहर का पांच बीघा गेहूं, तीरथ का तीन बीघा गेहूं, चंद्रशेखर की पांच बीघा गेहूं व लहसुन, नरेश का आठ बीघा गेहूं, हनुमान का तीन बीघा गेहूं व गजराज का चार बीघा गेहूं सहित कई किसानों का डेढ़ सौ बीघा फसल जलमगभन हो गई।