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एआईजी की गिरफ्तारी को जुटी पुलिस

Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
Barabanki
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बाराबंकी। रामसनेहीघाट क्षेत्र में दीपावली के दिन नीली बत्ती लगी कार से दो लोगों को रौंदे जाने के मामले में आरोपी बनाए गए एआईजी स्टाम्प देवरिया जिले में तैनात हैं। पुलिस द्वारा इस मामले में आरोपी बनाए गए एआईजी व उनके भाई की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। एसपी का कहना है कि एआईजी की मामले में नामजदगी की बाबत शासन को अवगत करा दिया गया है।
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बताते चलें कि दीपावली वाले दिन सुबह कोतवाली रामसनेहीघाट क्षेत्र के रामलालपुर राजपुर निवासी 60 वर्षीय राम समुझ गांव के रामकुमार के साथ साइकिल से लौधी सिंह पुरवा पालेसर पर चावल लेने जा रहे थे। तभी फैजाबाद से लखनऊ की ओर जा रही नीली बत्ती लगी तेज रफ्तार कार नम्बर यूपी 32 डीजेड 8658 ने पीछे से साइकिल सवार को रौंद दिया। इस टक्कर में रामसमुझ की मौके पर ही मौत हो गई जबकि रामकुमार उछलकर उसी कार पर जा गिरा लेकिन कार नहीं रुकी और करीब तीन किलोमीटर दूर अहमदपुर टोल प्लाजा के बूथ नंबर पांच पर पहुंच कर कार रुकी तो घायल वहां कार से गिर गया। पुलिस ने कार को बरामद कर चालक अरुण कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा वाहन मालिक अजीत प्रताप सिंह भी इस मामले में नामजद हैं। इधर पुलिस की सर्विलांस टीम द्वारा की गई जांच में दुर्घटना के समय वाहन मालिक अजीत प्रताप सिंह के साथ उनके भाई एआईजी आरएन सिंह जो कि देवरिया में एआईजी स्टांप के पद पर तैनात हैं, के भी मौजूद होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने पहले से दर्ज मामले में एआईजी के खिलाफ भी धारा 307 /109 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
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