बाराबंकी। जिलाधिकारी का आदेश विद्यालय संचालकों के लिए कोई मायने नहीं रखता है। तभी तो उनके द्वारा सोमवार के लिए जारी किए गए अवकाश के आदेश के बावजूद शहर के ज्यादातर विद्यालय सोमवार को भी खुले रहे। वहीं डीआईओएस का कहना है स्थानीय अवकाश के दौरान विद्यालय खोलना डीएम के आदेश का उल्लंघन नहीं है।
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने देवा महोत्सव पर सोमवार को स्थानीय अवकाश की घोषणा की थी। इसका असर सरकारी कार्यालयों पर तो दिखा लेकिन निजी विद्यालय संचालक और केंद्रीय विद्यालय पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया। जबकि केंद्रीय विद्यालय का अध्यक्ष डीएम होता है और यहां पर भी डीएम के आदेश का ही अनुपालन नहीं किया गया। बताते चले कि लखपेड़ाबाग में केंद्रीय विद्यालय समेत करीब एक दर्जन से अधिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से एक-दो को छोड़ दिया जाए तो सभी विद्यालय सोमवार को खुले रहे। ये पहला वाकया नहीं है ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। यदि इनमें से किसी के खिलाफ कभी कुछ भी कार्रवाई की गई होती तो ये विद्यालय संचालक दोबारा जिलाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करने का साहस नहीं कर पाते। लेकिन ऐसा न किए जाने से ही इनके हौसले बुलंद हैं और ये विद्यालय संचालक जिलाधिकारी के आदेश का उल्लघंन करने से बाज नहीं आ रहे। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक रामसरन सिंह का कहना है कि देवा महोत्सव पर जिलाधिकारी द्वारा सोमवार को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। लेकिन इस दौरान यदि विद्यालय खुले रहे तो ये अच्छी बात है। अवकाश में भी कोई विद्यालय बच्चों को पढ़ा रहा है तो यह मेरे हिसाब से जिलाधिकारी के आदेश का उल्लंघन नहीं है।