बाराबंकी। देवा महोत्सव के ऑडिटोरियम सारेगामापा के चैंपियन मास्टर तन्मय चतुर्वेदी ने अपने साथियों के साथ देरशाम ऐसा समां बांधा की पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। तन्मय ने साथियों के साथ एक से एक बढ़कर प्रस्तुति पेश कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य सचिव आलोक रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मास्टर तन्मय ने कार्यक्रम की शुरुआत पिया हाजी अली, पिया हाजी अली से की। इसके बाद गाया ऐ मेरे दोस्तों आओ देवा चलें गाया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। तन्यम ने जैसे ही गाया कि ‘आने से उसके आए बहार, जाने से उसके जाए बहार’ पंडाल में मौजूद श्रोता झूम उठे। इसके बाद ‘खइके पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अक्ल का ताला’ गाकर ऐसा समां बांधा की लोग तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं सके। इसके बाद उसने अपनी साथी प्रियांशी के साथ ‘बिल्लो रानी कहो तो अभी जान दे दें’ गाया तो पंडाल में मौजूद लोग नचाने लगे। प्रियांशी श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जैसे ही गाया ‘पान खाए सैंया हमार, सावंली सूरत होंठ लाल’ पर लोगों ने खूब तालियां बजाई। फिर उसने ‘तुमसे मिलकर, ऐसा लगा तुमसे मिलकर’, ‘बरस जाए बादल, बरस जा रे बादरा’ और फिर ‘झूम-झूम झूम बाबा’ गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रतीक्षा श्रीवास्तव ने ‘झुमका गिरा रे बरेली की बाजार में ’ और ‘परदेशिया ये सच है पिया सब कहते हैं मैंने तुझको दिल दे दिया’ गाकर ऐसा समा बांधा की श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम को और गति प्रदान की देवानंद श्रीवास्तव ने उन्होंने जैसे ही गाया ‘ये रेशमी जुल्फी, ये शरबती आंखें’ सुन लोग नाचने लगे। फिर ‘दर्दे दिल दर्दे जिगर, दिल में बसाया आपने’ और ‘आ लग जा गले दिलरूबा सुनते’ ही पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जयश्री ने ‘ये गलियां और दमादम मस्त कलंदर, अली दा पहला नंबर’ गाकर ऐसा समा बांधा की लोग पंडाल में ही जमे रहे। इस मौके पर डीएम योगेश्वर राम मिश्र, एडीएम प्रेम प्रकाश पाल, एएसपी डॉ. ओपी सिंह, सीएमओ डॉक्टर आनंद ओझा, देवानंद श्रीवास्तव, उमेश सिंह आदि मौजूद रहे।