बाराबंकी। एक नाबालिग छात्रा के अपहरण व दुराचार के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी शिक्षक को सात साल की सजा व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला देवां क्षेत्र का है। फरवरी 2011 में एक प्राइवेट विद्यालय के शिक्षक ने एक छात्रा का अपहरण कर दुराचार किया था। कोेर्ट ने मामले में अन्य दो आरोपियों को संदेह के लाभ में बरी किया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता मथुरा प्रसाद वर्मा ने बताया कि देवां थाना क्षेत्र की कक्षा 10 की एक नाबालिग छात्रा एक विद्यालय में पढ़ती थी। सात फरवरी 2011 को उसी विद्यालय का शिक्षक जयंत सिंह उसे बहला-फुसला कर भगा ले गया। आरोपी ने पीड़िता को आगरा ले जाकर एक होटल में रखा व दुराचार किया। पुलिस की विवेचना के दौरान 26 अप्रैल 2011 को पीड़िता शारदा नहर देवां के पास मिली। मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस ने पीड़िता का कलमबंद बयान कराया जिसमें पीड़िता ने आरोपी जयंत के साथ ही उसकी मां व बहनोई को भी घटना में शामिल होना बताया। न्यायालय में साक्ष्य के दौरान जिरह में पीड़िता कुछ आरोपों से मुकर गई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण पाठक ने आरोपी जयंत को दोषी पाते हुए सात वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अन्य दोनों आरोपियों को संदेह के लाभ में बरी कर दिया है।