बाराबंकी। नौकरी के नाम पर एक एनजीओ द्वारा जिले के हजारों बेरोजगारों से ठगी करने के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले की जांच कर रहे सीओ सिटी के यहां ठगी के शिकार हुए लगभग डेढ़ सौ भुक्तभोगियों ने पहुंचकर ठगी से संबंधित कागजात दिए और कइयों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि देवां कस्बे में कार्यालय खोलकर महफूज वेलफेयर सोसाइटी द्वारा बेरोजगारों से शिक्षक बनाने के नाम पर साढ़े तीन हजार रुपये प्रत्येक आवेदक से लिए गए। सोसाइटी के अध्यक्ष अकील अहमद, प्रबंधक शमीम बानो व कोषाध्यक्ष मुशीर अहमद पर जिले के सभी क्षेत्रों से करीब 13 हजार युवक-युवतियों के साथ ठगी करने का आरोप है। इसी मामले को लेकर 20 फरवरी को ठगी का शिकार हुए 35 भुक्तभोगी एसपी से मिले थे और संस्था के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने व कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद एसपी अब्दुल हमीद ने मामले की जांच सीओ सिटी विशाल विक्रम सिंह को सौंपी थी। सीओ ने बुधवार को ठगी का शिकार हुए लोगों को अपने कार्यालय बुलाकर उनके बयान दर्ज किए। सीओ का कहना है कि इस मामले में जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी कार्यालय में बुधवार को ठगी का शिकार हुए करीब डेढ़ सौ युवक युवतियां ने सीओ से मिलकर संस्था की ओर से की गई अपनी कथित नियुक्ति के पत्र व भुगतान आदि के संबंध में कागजात प्रस्तुत किए व कइयों ने अपने बयान दर्ज कराए। सीओ से मिलने वाले ठगी के शिकार भुक्तभोगियों में सलमा बानो, बदरूलजहां, सायमा, सलमा, साफिया, पंकज मौर्या, वासिब, नासिर, मो. वकार, रेशमा बानो, फौजिया, मेराजुद्दीन, खालिद व सोनी मौर्या सभी निवासी ग्राम बांसा, शबीना बंकी, अकील अंजुम सैदनपुर, रूबीना बानो, इसरत, नूरी, वहीदुल हसन निवासी रामपुर कटरा, मो.यासिर, अब्दुल रहीम, हाफिज अफजल निवासी सआदतगंज, फारूक, शकीब मुश्काबाद, हाफिज अफजल सफदरगंज आदि शामिल रहे।