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जेल में बंद जीवा के मामले की जांच के आदेश

Sun, 08 Dec 2013 05:43 AM IST
Barabanki
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बाराबंकी। जिला कारागार बाराबंकी में बंद शातिर अपराधियों को जेल में दी जा रही खास सुविधाओं का मामला प्रकाश में आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। शनिवार के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद जेल व जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन शनिवार को ही जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए। प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है जो जेल का निरीक्षण कर और वहां के अधिकारियों से पूछताछ के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। खबर छपने के बाद से जेल अधिकारी मामले की लीपापोती में लग गए हैं और अपनी कारगुजारियों पर पर्दा डालने की मुहिम तेज कर दी है।
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बताते चलें कि पूर्वांचल का माफिया व पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आया शातिर शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा इन दिनाें बाराबंकी जेल में बंद है। जेल आने के चंद दिनों बाद ही जीवा को कारागार के अस्पताल की खास बैरक में भर्ती करा दिया गया। यहां जीवा रोज दरबार लगाकर अपने काले कारनामों को अंजाम दे रहा है। शातिर अपराधी के रसूख के आगे उसके करीबियों को जेल में उसे मिलने से रोकने की किसी अधिकारी की हिम्मत भी नहीं होती। इस खबर को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया जिसके बाद मामले का संज्ञान लेते हुए जिले के प्रशासनिक अधिकारियोें ने जेल अधिकारियोें से एक रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन की ओर से जेल में बंद शातिर अपराधियों व कैदियों को मिलने वाली सुख-सुविधाओं व जेल के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल होने आदि को गंभीरता से लेते हुए एक जांच टीम का गठन किया गया है। यह टीम किसी भी दिन जेल पहुंचकर औचक निरीक्षण करेगी और फिर वहां जो भी मिलेगा उसकी रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। प्रशासन के इस कदम से अब जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की यदि सही तरीके से जांच कराई जाती है तो इसमेें जेल के कई कर्मचारियों व अधिकारियाें की गर्दन फंसना तय माना जा रहा है। जेल सूत्रों की मानें तो ऐसे में जेल अधिकारियों ने मामले की लीपापोती शुरू कर सब कुछ दुरुस्त दिखाने की मुहिम तेज कर दी है।

वर्जन-
जेल में बंद शातिर अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा को वहां खास सुविधाएं देने के मामले की जांच कराई जाएगी। जेल में जो सुविधाएं एक सामान्य कैदी या बंदी को मिलती हैं वही जीवा को भी मिलेंगी। इसमें यदि किसी जेल कर्मी की भूमिका मिली तो उसके खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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अनिल कुमार सिंह, एसडीएम सदर

वर्जन-
जेल में बंद कैदियाें/बंदियों को जेल मैनुअल के आधार पर ही रखने का नियम है। यदि इस नियम का उल्लघंन किया जा रहा है तो इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर जेल भेजी जाएगी। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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जेपी सिंह, अपर जिलाधिकारी
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