बाराबंकी। कार्तिक पूर्णिमा पर रविवार को जिले भर में भक्ति की धारा बही। नदियों में श्रद्धा की डुबकी लगाने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा । मंदिराें में पूजा पाठ की गई । महिलाआें ने तुलसी की पूजा कर मंगल की कामना किया । कई स्थानाें पर धनतिया की परंपरा भी धूमधाम से निभाई गई। इस अवसर पर मेले का भी आयोजन हुआ ।
रामसनेहीघाट प्रतिनिधि के अनुसार, कल्याणी नदी के निकट स्थित बाबा रामसनेहीदास की तपोस्थली पर मेले का आयोजन हुआ। सुबह कल्याणी नदी में स्नान कर मंदिरों में प्रसाद चढ़ाया । बुढ़वा बाबा के स्थान पर भी मेला लगा । इस अवसर पर लोगों ने बच्चों का मुंडन एवं अन्य धार्मिक संस्कारों को संपन्न कराने के साथ ही कथा भी सुनी गई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कई धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए।
फतेहपुर प्रतिनिधि के अनुसार पूर्णिमा के मौके पर कस्बे में लोगों ने धनतिया त्यौहार मनाया । लोगाें ने कस्बे में स्थित जारकबीर बाबा की समाधि पर पहुंच विधि विधान से ग्राम देवता की पूजा पाठ कर प्रसाद ग्रहण किया। ग्राम गुरुसेल में स्थित मौनी बाबा की समाधि पर लगे मेले में ग्रामीण अंचलों से काफी संख्या में श्रद्धालु आए। महिलाओं ने तुलसी माता की पूजा करने के बाद भोग अर्पित किया। बेलहरा प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक सूरतगंज क्षेत्र के ग्राम टड़वाधाम स्थित चौका, चौरारी व सुमली नदियों के तट पर स्थित निरंकार स्वामी आश्रम में श्रद्धालुओं ने समाधि पर चादर चढ़ाई।
हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में गोमती तट पर औसानेश्वर घाट पर भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। औसानेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया ।टीकारामधाम स्थित बाजपुराघाट पर लोगों ने स्नान कर पूजा पाठ किया। यहां नदी घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की में काफी कमी रही। सुबेहा के राजघाट ,त्रिवेदीगंज में गोमती तट के बारा व गंगापुर में मेले का आयोजन किया गया था।