बाराबंकी। दीपावली में सेहत सही रखनी है तो मिठाइयों की खरीदारी में सावधानी बरतनी होगी क्योंकि मिलावटखोर बासी और मिलावटी मावा से मिठाइयों को तैयार करने में जुटे हुए हैं। मिलावटखोराें के खिलाफ विभाग की छापेमारी महज औपचारिकता बनकर रह गई है और अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई है जिससे विभागीय अधिकारियाें की मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता है। विभागीय लापरवाही के चलते मिलावटी मावा से मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। बडे़ प्रतिष्ठानों में कई दिन से डंप मावा से मिठाइयों को बनाने का कार्य जोरों पर चल रहा है। इस मावा में आरारोट, शकरकंद, आलू के साथ कई प्रकार के केमिकल्स भी मिलाए जाते हैं। यही नहीं मिठाइयां आकर्षक दिखें इसलिए खतरनाक रंगों का भी प्रयोग किया जा रहा है जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। दीपावली में मिठाई की खपत अधिक होने के कारण इसे बनाने का कार्य कई दिन पहले से ही शुरू कर दिया जाता है। कई दिन पूर्व बनी मिठाइयों का सेवन करने से सेहत बिगड़ सकती है लेकिन खाद्य एवं औषधि प्रशासन पर इसका जरा भी असर नहीं दिख रहा है। दीपावली सिर पर है लेकिन मिलावटखोरों के खिलाफ अभी तक छापेमारी का अभियान तक शुरू नहीं किया गया। इससे साफ होता है कि मिलावटखोरों के खिलाफ विभाग द्वारा चलाया जाने वाली अभियान कितना सच होता है।