बाराबंकी। जिले की दो तहसीलों और तीन ब्लॉकों के 163 गांवों को लखनऊ विकास प्राधिकरण से जोड़ने या फिर एससीआर (राज्य राजधानी क्षेत्र) और बीडीए का गठन किए जाने की कवायद जोरों पर चली रही है। इस एरिया के तहत आने वाली जमीनों पर भूमाफिया भी तेजी से कब्जा करने लगे हैं। किसानों से औने-पौने दामों पर जमीन खरीदी जा रही हैं और ग्राम समाज की जमीन व सरकारी तालाबों पर भी कब्जे के मामलों में तेजी आई है। किसानों से ग्राम समाज के आसपास की जमीन खरीद कर कब्जा करने के मामले में कई केस भी दर्ज हो चुके हैं लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद जिला प्रशासन इस पर रोक नहीं लगा पा रहा है।
बताते चलें कि पहले एलडीए का दायरा बढ़ाकर जिले के तीन ब्लॉकों देवां, बंकी व निंदूरा के 163 गांवों को लेने की चर्चा थी लेकिन इसके बाद बीडीए गठन को लेकर कवायद शुरू की गई। अब एससीआर (राज्य राजधानी क्षेत्र) का विस्तार किए जाने की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शुरू हुई सुगबुगाहट के बाद से ही भूमाफिया सक्रिय हो गए। पहले तो हाईवे के आसपास किसानों की जमीनें औने-पौने दामों पर खरीदी गईं और फिर इन जमीनों की आड़ में आसपास ग्राम समाज की जमीनों पर भी कब्जे शुरू हो गए। इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सरकारी जमीनों पर कब्जे का प्रयास अभी भी जोरों पर चल रहा है। देवां चिनहट मार्ग पर दुंदपुरवा चौराहे के आसपास, निंदूरा कुर्सी मार्ग पर और बंकी में सफेदाबाद से सफदरगंज तक सड़क किनारे की सरकारी व गैरसरकारी जमीनों पर भूमाफिया ने नजरें गड़ा दी हैं और कई स्थानों पर तो इनके द्वारा कब्जा भी कर लिया गया। इनके द्वारा जमीन पर मल्टी स्टोरी भवन बनाने का नक्शा भी लगा दिया गया है।
किसानों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर उनकी जमीनों को औने-पौने दामों पर खरीदने का खेल भी हो रहा है। बावजूद इसके जिला प्रशासन इस पर रोक नहीं लगा पा रहा है।