बाराबंकी। लखनऊ में रहने वाले एक युवक की हत्या उसकी पत्नी ने ही अपने प्रेमी से करा दी। युवक का शव शनिवार की शाम देवां कोतवाली क्षेत्र में माती के पास इंद्रा नहर के किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला। युवक शुक्रवार की दोपहर को घर से निकला था, तभी से नहीं आया था। पुलिस ने आरोपी पत्नी व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
देवां क्षेत्र के उमरी गांव निवासी लालजी यादव (22) पुत्र गोविद चंद यादव अपनी ससुराल धौकलपुर थाना चिनहट लखनऊ में पत्नी के साथ रहता था। पत्नी कविता का उसके मौसेरे भाई विश्वनाथ पुत्र धनीराम निवासी दरामनगर कोतवाली नगर के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। शुक्रवार दोपहर विश्वनाथ अपने साथी गांव के ही रंजीत के साथ धौकलपुर में लालजी के घर पहुंचा। वह लालजी को साथ लेकर चला गया। शाम तक जब लालजी घर नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने तलाश शुरू की। इस बीच लालजी की पत्नी कविता ने कोतवाली चिनहट पहुंचकर पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। शनिवार को लालजी के घर वालों को विश्वनाथ पर शक हुआ तो उन लोगाें ने उसे पकड़ लिया और कड़ाई से पूछताछ की जिसके बाद विश्वनाथ ने लाल जी की हत्या की बात स्वीकार कर ली। मृतक के छोटे भाई रामू ने बताया कि विश्वनाथ को लेकर जब लालजी की तलाश शुरू की गई तो धौकलपुर गांव के बाहर लाल जी के खून से लथपथ कपड़े मिले जिसके बाद विश्वनाथ को लेकर चिनहट कोतवाली पहुंचे तो उसने लालजी की हत्या करने की बात पुलिस को बताई। चिनहट पुलिस ने लालजी की पत्नी को भी हिरासत में ले लिया। विश्वनाथ ने बताया कि उसने व उसके साथी रंजीत ने मिलकर लालजी की बांके से काटकर हत्या कर दी है और फिर उसके शव को ले जाकर देवां क्षेत्र में झाड़ियों में डाल दिया है। मृतक के भाई ने सूचना देवां पुलिस को दी जिसके बाद पहुंची पुलिस ने झाड़ियों से लालजी के शव को शनिवार शाम पांच बजे बरामद कर लिया। पुलिस ने विश्वनाथ व कविता को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की पूछताछ में कविता ने बताया कि उसके व विश्वनाथ के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था जिसका विरोध उसका पति लालजी करता था। बताया कि प्रेमी के साथ रहने के लिए ही उसने पति की हत्या की साजिश रची और फिर विश्वनाथ ने अपने साथी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने कविता, विश्वनाथ व उसके साथी रंजीत के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर देवां कोतवाल रामजी यादव, सीओ विशाल विक्रम सिंह व एएसपी डॉ. ओपी सिंह भी पहुंचे।